इंजीनियरिंग की पढ़ाई से बच्चों का मोह भंग हो रहा है। इसे रोकने के लिए सरकार ने आठ करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इससे इंजीनियरिंग कॉलेज की काया पलट की जाएगी। यह कहना है उच्च शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी का। माहेश्वरी ने आज अजमेर के लोहागल में राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत महाविद्यालय के भूमि पूजन समारोह में भाग लिया।
लोहागल गांव में साढ़े छह करोड़ की लागत से बनने वाले राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत महाविद्यालय का भूमि पूजन समारोह आज हुआ। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जल्द ही संस्कृत शिक्षा के 3200 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। माहेश्वरी ने कहा कि इंजीनियरिंग में बच्चों की घटती रुचि को कम करने के लिए भी सरकार प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी महाविद्यालयों में सीटें बढ़ाने की उठती मांग को देखते हुए सभी जगह 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने के भी आदेश जारी किए गए हैं। इससे बच्चों को आसानी से प्रवेश मिल सकेगा। समारोह में शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, जिला प्रमुख वंदना नोगिया सहित भाजपा के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।