राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश के बावजूद कॉन्सटेबल से वसूली गई राशि को पुनर्भुगतान नहीं करने के मामले में गृह सचिव मनीष चौहान, डीजीपी अजीतसिंह और झुंझुनुं पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल को अवमानना नोटिस जारी किए हैं।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश मालीराम की ओर से दायर अवमानना याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता प्रेमचंद देवन्दा ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ पुलिस विभाग ने रिकवरी निकाल कर राशि वसूल ली थी। इसके खिलाफ सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण में याचिका दायर करने पर अधिकरण ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।
इस आदेश को राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने गत 17 जनवरी को राज्य सरकार की याचिका खारिज करते हुए तीन माह में याचिकाकर्ता से वसूल की गई राशि का पुनर्भुगतान करने के आदेश दिए। इसके बावजूद भी विभाग की ओर से आदेश की पालना नहीं की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने गृह सचिव सहित अन्य पुलिस अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।