चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष के बदलाव के बाद अब संगठन मंत्री के बदलाव की भी चर्चा जोरों पर है। संगठन मंत्री चन्द्रशेखर जोकि पिछले कई वर्षों से राजस्थान के संगठन मंत्री हैं, उनके भी बदलाव की चर्चा ने प्रदेश में जोर पकड़ लिया है, प्रदेश के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच चल रही चर्चा में अब संगठन मंत्री के बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि यह चर्चा पिछले आठ महीनों से चल रही हैं। सतीश पूनिया के बदलाव से यह स्पष्ट हो चुका है भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को चुनाव और चुनावी वर्ष से कोई भी फर्क नहीं पड़ता है। अमर उजाला ने जनवरी में ही प्रदेश अध्यक्ष के विषय में जानकारी दी थी जो मार्च में सच साबित हुई। प्रदेश संगठन में केंद्रीय नेतृत्व संगठन मंत्री और प्रदेश प्रभारी का भी बदलाव कर सकता है।
सूत्रों के अनुसार संगठन मंत्री मुक्त किए जा सकते हैं और संभावना है कि चुनाव तक इस पद को रिक्त ही रखा जाए। प्रदेश प्रभारी को ही प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जोकि राजस्थान में ही चुनाव तक रुक कर पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे।