राजस्थान हाईकोर्ट ने अलवर जिले के रामगढ़ थाना इलाके में वर्ष 2005 में हुए हत्याकांड की जांच में लापरवाही बरतने वाले जांच अधिकारी के खिलाफ डीजीपी को कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही अदालत ने 8 आरोपियों की ओर से दायर आपराधिक याचिकाओं में से 5 प्रकरणों को खारिज कर दिया है।
न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश केसी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश लल्लू उर्फ रहमत व अन्य की ओर से दायर आपराधिक अपीलों का निस्तारण करते हुए दिए। मामले के अनुसार अलवर जिले के रामगढ़ थाना इलाके में 16 अक्टूबर 2005 को मस्जिद से वापस लौट रहे रज्जाक खुर्शीद की हत्या हो गई थी। प्रकरण में 12 फरवरी 2008 को अलवर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम दो ने याचिकाकर्ताओं को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने आया कि प्रकरण में जांच अधिकारी ने जांच में लापरवाही बरती है। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने 5 प्रकरणों को खारिज करते हुए डीजीपी को लापरवाह जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिया है।