राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर की शास्त्री नगर कब्रिस्तान की रिकॉर्डेड भूमि की जद में आने वाले अतिक्रमियों को राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा है कि रिकॉर्ड में दर्शाई गई कब्रिस्तान की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश रवि कुमार व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। अलग-अलग दायर याचिकाओं में जेडीए की ओर से की जा रही तोड़फोड़ की कार्यवाही को चुनौती दी गई है। कुछ याचिकाओं में कहा गया कि कब्रिस्तान की भूमि करीब 32 बीघा है, याचिकाकर्ता इस भूमि के बाहर निवास करते हैं। इसके बावजूद भी उन्हें अतिक्रमी मानकर हटाने की कार्रवाई आरंभ की गई है। वहीं, वक्फ बोर्ड की ओर से कहा गया कि कब्रिस्तान की रिकॉर्डिंग भूमि करीब 40 बीघा है।
ऐसे में याचिकाकर्ता अतिक्रमण कर वहां निवास कर रहे हैं। बोर्ड की ओर से यह भी कहा गया कि गत 8 मई को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आदेश जारी कर कब्रिस्तान के अतिक्रमणों को हटाकर 6 नवंबर तक इस भूमि को वक्फ बोर्ड को सौंपने के आदेश दिए थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा की कब्रिस्तान की रिकार्डेड भूमि की जद में आने वाले अतिक्रमणों को हटाया जाए।