देश के सबसे बड़े नेशनल पार्क में बसी आबादी के डवलपमेंट और यहां टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार ने योजना बनाई है। इसके तहत यहां ग्रामीणों को थारपारकर गायें देने और प्रमुख उपज कैर—सांगरी की मार्केटिंग करने और ईको टूरिज्म के लिए यहां होम स्टे की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
राज्य के बजट में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार ने 10 करोड़ रुपए डेजर्ट नेशनल पार्क (डीएनपी) के लिए और 10.90 करोड़ आकल वुड फोसिल्स पार्क के विकास के लिए देने की घोषणा की है। इसके बाद नेशनल पार्क के कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव बनाया है। यहां पशुपालकों के पास बड़ी संख्या में गाय तो हैं, लेकिन उनमें अधिकांशत: नॉन प्रोडक्टिव है। डीएनपी प्रशासन इन गायों को खरीदकर गौशालाओं में भिजवाएगा और उसके बदले दो—तीन अच्छी नस्ल की थारपारकर गाय देगा। इन गायों से उन्हें रोजाना 15 से 20 किलो दूध मिल जाएगा। साथ ही, यहां चारागाह भी विकसित किए जाएंगे ताकि बेहतर चारा उपलब्ध हो सके।
प्रस्ताव में ये भी बताया गया है कि प्रमुख उपज कैर—सांगरी अब दूरदराज के राज्यों में बड़े स्तर पर बेचे जाएंगे। इसकी मार्केटिंग करने की योजना बनाई गई है, ताकि अच्छे भावों में इसे बेचा जा सके। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने का भी प्लान है। डीएनपी अपने इलाके में ग्रामीणों को होम स्टे शुरू करने के लिए प्रेरित करेगी। डीएनपी आबादी अपने घर के आसपास छोटे—छोटे हट्स बनाकर सैलानियों को ठहरा सकेंगे। डीएनपी उप वनसंरक्षक अनूप के.आर ने बताया कि इस योजना से डीएनपी आबादी को अपने घर में ही आजीविका का साधन मिल जाएगा। डीएनपी अधिकारियों के अनुसार आगामी दिनों में जयपुर होने वाली बैठक में ये प्रस्ताव रखे जाएंगे।