उदयपुर जिले की फतहसागर झील में सोमवार शाम को दो बोट्स् के टकराने के बाद पानी में डूबी मासूम चहक का शव मंगलवार देर रात्रि को मिल गया। शव स्वरुप सागर लिंक नहर के मुहाने पर मिला। इससे पूर्व 13 घंटे तक रेस्क्यू आॅपरेशन चलाया गया था। लेकिन गोताखोरों को सफलता हाथ नहीं लग सकी थी। गौरतलब है कि घटना के बाद मंगलवार को फिर से तीन—चार बोट्स पर सवार गोताखोरों ने फतहसागर झील में डूबी चहक की तलाश शुरु की। कई बार जाल भी फेंका, लेकिन गोताखोर खाली हाथ रहे।
गौरतलब है कि जयपुर में लोहामंड़ी रोड हरमाडा निवासी सीए विद्याधर सैनी अपनी पत्नी दीपिका सैनी, 4 साल की बेटी चहक और जवाहरात कारोबारी मित्र सुमित शर्मा अपनी पत्नी वंदना शर्मा और दो बच्चों के साथ रविवार को उदयपुर घूमने गए थे। सोमवार शाम करीब 4 बजे दोनों परिवार बोटिंग करने के लिए छह सीटर स्पीड बोट में बैठे थे। विद्याधर सैनी अपनी 4 साल की बच्ची चहक को और सुमित अपने 7 साल के बच्चे को गोद में लिए आगे वाली सीट पर बैठे थे। पीछे वाली दोनों सीट पर वंदना शर्मा और दीपिका सैनी अपने छोटे बच्चे को गोद में लिए बैठी हुई थीं।
तभी उनकी बोट आगे चल रही 20 सीटर मोटर बोट से टकरा गई। इससे आगे की सीट पर बैठे सुमित, उसका बच्चा, विद्याधर और उसकी गोद में बैठी बेटी चहक बड़ी बोट से टकराने पर उछले और पानी में डूब गए। लाइफ जैकेट पहना होने से सुमित शर्मा, विद्याधर सैनी और सुमित का 7 साल का बेटा पानी में ऊपर तैरते रहे, लेकिन विद्याधर की 4 साल की बेटी चहक के गले से लाइफ जैकेट निकल गया और झील में डूब गई।