पुष्कर थाना पुलिस द्वारा मारपीट की शिकायत लिखने के बजाय डांट कर भगा देने से व्यथित दलित दंपति ने थाने के बाहर विषाक्त पदार्थ गटक कर खुदकुशी का प्रयास किया। दंपति की तबियत बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। फिलहाल दंपति का इलाज जारी है, वहीं जिला पुलिस अधीक्षक ने विभागीय जांच शुरू करवा दी है।
पुष्कर के जलदाय विभाग के पंपिंग स्टेशन के पास रहने वाले राधेश्याम भोपा और उसकी पत्नी ममता का अजमेर के जवाहर लाल नेहरु अस्पताल में उपचार चल रहा है। राधेश्याम ने अस्पताल में होश आने के बाद बताया कि केकड़ी के फुलियाँ निवासी रामदेव व उसके साथियों ने थाने के बाहर जमकर मारपीट की। मारपीट होते देख भी पुलिस ने बीच बचाव तक नहीं किया। इसके बाद जब थाने में शिकायत देने गए तो थानाधिकारी दुलीचंद की मौजूदगी में उनकी शिकायत सुनने की बजाय उन्हें धक्के देकर थाने से बाहर निकल दिया।
इससे पहले भी आरोपी रामदेव प्रताड़ित करता रहता है। कोई सुनवाई नहीं होने से उन्होंने मौत को गले लगाने की ठानी थी। वहीं थानाधिकारी दुलीचंद आरोपों को नकार रहे हैं। जिला पुलिस अधीक्षक नितिनदीप बलग्गन ने कहा की मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। यदि कोई भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसे बक्शा नहीं जाएगा।