राजधानी जयपुर के रामगंज में हुए हिंसक उपद्रव मामले में पुलिस ने लगभग एक माह बाद एक नामजद आरोपी को आज गिरफ्तार किया है। आरोपी मोहम्मद मूसा निवासी बाबू का टीबा, रामगंज का रहने वाला है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी मोहम्मद मूसा ने हिंसा के दौरान लोगों को भड़काकर दंगा करवाने में अहम भूमिका अदा की थी। आरोपी ने हिंसा के लिए भीड़ को इकट्ठा किया। बताया जा रहा है कि उपद्रव के बीच उसकी फोटो भी रामगंज चौपड़ पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। केस की जांच एसीपी बस्सी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ को सौंपी गई थी।
इससे पुलिस ने उसकी पहचान कर तलाश शुरु कर दी थी। आपको बता दें कि यह मामला है राजधानी जयपुर के रामगंज इलाके का। जहां 8 सितंबर को बाइक सवार एक महिला के पुलिसकर्मी द्वारा डंडा मारने की बात से बवाल हो गया था और असामाजिक तत्वों ने शांति माहौल बिगाड़ते हुए रामगंज थाने पर जमकर पथराव किया।
हिंसक तत्वों को काबू करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी
रामगंज
- फोटो : File photo
पुलिस और मेडिकल एंबुलेंस की गाड़ियों में तोड़फोड़ के अलावा निजी वाहनों में तोड़फोड़ कर आगजनी की। एक पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला किया और मीडियाकर्मियों से मारपीट कर उनके कैमरे लूट लिए थे। इसी बीच हिंसक तत्वों को काबू करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी।
जिसमें गलतागेट निवासी आदिल की गोली लगने से मौत हो गई थी। इसके अलावा एक और विकलांग शख्स भरत सिंधी की उपद्रव के दौरान मारपीट में मौत होने की बात सामने आई थी। पुलिस गिरफ्तार आरोपी मूसा से पूछताछ कर हिंसा फैलाने और उपद्रव में शामिल आरोपियों के संबंध में पूछताछ करेगी।