आॅनलाइन विज्ञापन के जरिए विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की करधनी थाना पुलिस ने गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लिया।
डीसीपी पश्चिम अशोक कुमार गुूप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अजय भाई देसाई(35) और राजेश भाई लखानी(45) है। ये दोनों ही गुजरात के राजकोट जिले में जैतपुर स्थित फूलवाड़ी के रहने वाले है और वर्तमान में सूरत मे रह रहे हैं।
डीसीपी ने बताया कि जयपुर निवासी यतीन्द्र सिंह राठौड़ ने करधनी थाने में पिछले साल 11 दिसंबर को मुकदमा दर्ज करवाया था। इसमें बताया कि बेटे राजपरिक्षित सिंह द्वारा इंटरनेट पर नौकरी डॉट कॉम पर जॉब सर्च करने के दौरान उसने विज्ञापन देखा। एप्लाई करने पर उसे आॅनलाइन ही स्काईसिटी सूईट्स होटल फ्लोरिडा यूनाइटेड स्टेट्स में नौकरी का नियुक्ति पत्र दे दिया गया। इसके अलावा यूएस एम्बेसी का डिप्लोमेट नियुक्त करना बताकर कॉल लेटर जारी कर दिया।
इसके बाद आरोपियों ने वीजा तथा अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए करीब सात लाख रुपए हैदराबाद स्थित बैंक खाते में जमा करवा लिए। जब नोटबंदी के दौरान परिवादी यतीन्द्र सिंह राठौड़ ने यूएस हाईकमीशन नई दिल्ली में संपर्क किया, तब ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने करधनी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। जिसकी जांच एसआई दिलीप सिंह को सौंपी गई।
एडिशनल डीसीपी रतनसिंह के निर्देशन में थानाप्रभारी अनिल सिंह जसोरिया व एसआई दिलीप सिंह की टीम ने तकनीकी मदद से वारदात का खुलासा कर दोनों आरोपियों को गुजरात से धर—दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह विदेश में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर जॉब सर्च इंजन में फर्जी विज्ञापन देता है। इसके बाद पासपोर्ट व वीजा बनवाने के बहाने अलग—अलग खातों में रुपया जमा करवाकर ठगी की वारदात करते हैं।