भूमि विकास बैंक से ऋण लेकर नहीं चुकाना किसान को भारी पड़ गया। बैंक वाले किसान को जबरन बैंक ले गए। आरोप है कि वहां शाखा प्रबंधक ने पिटाई की और उससे उठक-बैठक लगवाई। दो दिन में ऋण चुकाने की लिखित में लेने के बाद ही उसे घर जाने दिया।
गांव सेवापुर निवासी श्यामपाल ने भूमि विकास बैंक से 2010 में 55000 रुपये का लोन लिया था। खेती से कमाई न होने के कारण किसान ऋण नहीं चुका पा रहा था। प्रदेश में बनी योगी सरकार बनते ही किसानों के एक लाख तक ऋण माफी की घोषणा ने राहत प्रदान की।
श्यामपाल ने समझा कि उसका ऋण माफ हो जाएगा लेकिन मंगलवार को उसको उस समय झटका लगा जब भूमि विकास बैंक के कर्मचारी एवं अधिकारी उसकी दुकान पर जा धमके। अधिकारियों ने उससे ऋण चुकाने को कहा तो उसने मना कर दिया। कर्मचारी उसे जबरिया बैंक ले गए।
श्यामपाल ने शाखा प्रबंधक पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रबंधक ने उसके साथ मारपीट की। वहीं सबके सामने उठक बैठक लगवाकर उसे अपमानित करने का कार्य किया है। बाद में ऋण चुकाने की बात करने पर ही उसे छोड़ा।
भूमि विकास बैंक के प्रबंधक रतनपाल दीक्षित का कहना है कि बैंक में कोई कर्जा माफी का आदेश नहीं आया है। श्यामपाल की आरसी कट चुकी है। इस लिए टीम उसे उठाकर बैंक लाई थी। रास्ते में श्यामपाल ने अभद्रता कर दी थी। बैंक में किसी प्रकार की अभद्रता उसके साथ नहीं की गई है।