अपनी एके 47 गन के साथ ढेर हुआ आनंदपाल सिंह
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गैंगस्टर आनंदपाल का शव परिजनों ने मंगलवार को भी नहीं लिया। इस मामले में अब सियायत गरमा गई है।
चुरू जिले के मालासर में आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर शनिवार की रात हो गया था। पोस्टमार्टम के बाद आनंदपाल का शव रतनगढ़ की मोर्चरी में रखा हुआ है। प्रशासन और सरकार उसके परिजनों से शव लेने के लिए लगातार समझाइश कर रही है। नागौर एसपी पारिस देशमुख ने परिजनों से वार्ता की पहल भी की।
दूसरी तरफ परिजन आनंदपाल एनकाउंटर और बीकानेर जेल में उस पर ढाई साल पहले हुए हमले की जांच सीबीआई से कराने, आनंदपाल के अंतिम संस्कार में दोनों भाइयों को शामिल होने देने, रिश्तेदारों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने सहित मांगों पर अड़े हुए है।
पैतृक गांव में जुटे है लोग
एनकाउंटर के बाद मालासर में भीड़
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आनंदपाल के पैतृक गांव में उसके रिश्तेदार और समर्थक लगातार जुट रहे है। मां निर्मल कंवर के साथ विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी और कार्यकर्ता वहां मौजूद है।
नागौर जिले के लाडनूं में प्रशासन और पुलिस पूरी तरह चाक चौबंद है। वहां आने—जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न लोगों की मध्यस्थता से परिजनों को समझाने का प्रयास भी प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। अभी तक वे अपनी मांगों पर अड़े हुए है।
विशेषज्ञों ने आनंदपाल के शव की जांच की
आनंदपाल सिंह
रतनगढ़ में मोर्चरी में आनंदपाल का शव रखा हुआ है। मंगलवार को यहां विशेषज्ञों की टीम ने शव का परीक्षण किया।
दोपहर बाद ये विशेषज्ञ वहां पहुंचे और शव को देखा। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस और प्रशासन को अंदेशा है कि शव खराब हो सकता है। हालांकि वे डी—फ्रीज में रखा है, लेकिन पोस्टमार्टम से पहले काफी देर तक शव सामान्य स्थिति में रहा।
सुरक्षा के मद्देनजर मोर्चरी को सुरक्षाकर्मियों ने घेर रखा है। रतनगढ़ में भी लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है।