बारां जिले के कवाई कस्बे में बीती देर शाम को अडानी पावर प्लांट में काम करते वक्त एक सुपरवाइजर कर्मचारी की हादसे में मौत हो गई। जिससे गुस्साए साथी कर्मचारियों ने देर रात तक पावर प्लांट के बाहर इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन करनेवाले कर्मचारियों ने मृतक कर्मचारी के परिवार को आर्थिक मुआवजा देने की बात कही। सूचना मिलने पर स्थानीय विधायक समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। समझाइश कर शुक्रवार को मृतक कर्मचारी के परिवार को आठ लाख रुपए का आर्थिक मुआवजा दिलवाया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। कवाईं थानाप्रभारी दलवीर सिंह फौजदार ने बताया कि करीब 35 वर्षीय मुकेश पारेता बारां जिले के अटरुं तहसील में खेड़लीगंज का रहने वाला था। वह पिछले करीब आठ साल से कवाईं स्थित अडानी पावर प्लांट में सुपरवाइजर के पद पर था।
मुकेश कोयले की रेक को भूमिगत गोदाम में भेज रहा था। तभी वह पट्टे के साथ जमीन से करीब चार मंजिल नीचे कोयले की रेक में चला गया। उसकी दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद साथी कर्मचारियों ने मशीन को बंद कर मशक्कत के साथ मुकेश के शव को बाहर निकलवाया। उसके सिर में गहरी चोट थी। मुकेश की मौत से साथी कर्मचारियों में रोष व्याप्त हो गया। उन्होंने देर रात को प्लांट के बाहर प्रदर्शन कर दिया।
तब सूचना पर अटरु उपाधीक्षक रणविजय सिंह, एसडीएम जब्बर सिंह, कवाई थानाप्रभारी दलबीर सिंह फौजदार और अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। स्थानीय विधायक रामपाल को भी बुलाया गया। पुलिस प्रशासन और विधायक ने बातचीत कर आर्थिक मुआवजे का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ और अडानी प्रबंधन ने मृतक मुकेश के पत्नी व परिवार से बातचीत कर चैक व नकदी सौंपी।