गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद परिजन, वकील व समर्थक सरकार के चार मंत्रियों पर निशाना साध रहे हैं, वहीं दस दिन बाद एक केबिनेट मंत्री ने बहुत बचते हुए मीडिया के सवालों के जवाब दिए
आनन्दपाल मामले में गृहमंत्री के बाद आज बीजेपी प्रदेश कार्यालय में जनसुनवाई करने आए केबिनेट मंत्री युनूस खान ने मीडिया से बातचीत की। खान ने कहा कि आनंदपाल के परिजन ने न्यायालय में अलग अलग बातों को लेकर अर्जीयां लगा रखी है। उन पर निर्णय आना बाकी है।
कोर्ट में चल रहे मामलों पर मेरी टिप्पणी करना कतई उचित नहीं है। जहां तक इसको लेकर राजनीति करना है। हम राजनीतिक लोग है। जब समय पर कोई बात आएगी, तो निश्चित रूप से इसका जवाब दिया जाएगा।
सीएम को खान की पर्ची से मिली थी आनंदपाल के भागने की सूचना
आनंदपाल की लाश
- फोटो : amar ujala
एनकाउंटर को लेकर उठ रहे सवालों को लेकर मंत्री युनूस ने कहा कि इस सवाल पर कोई भी टिप्पणी गृह विभाग ही कर सकता है, मैं नहीं कर सकता। आनन्दपाल के फरारी के दौरान राजस्थान में ही रहने व मददगारों की जांच को लेकर खान ने सिर्फ इतना ही कहा कि इस सभी विषयों का जवाब समय अपने आप देगा और फिर वे चुप्पी साध गए।
गौरतलब है कि 3 सितंबर 2015 के दिन आनंदपाल के दोनों साथियों के साथ पुलिस हिरासत से भागने के वक्त ही चल रही केबिनेट मीटिंग के दौरान खान ने ही एक पर्ची पहुंचाकर सीएम को आनंदपाल के भागने की सूचना दी थी। वे तब भी चर्चाओं में आए थे। लेकिन इस बार एनकाउंटर के वक्त वे राजस्थान में मौजूद नहीं थे।
दूसरी तरफ, आनंदपाल के वकील एपी सिंह ने पिछले दिनों सीकर में एक प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान आनंदपाल एनकाउंटर प्रकरण में चार मंत्रियों पर सवाल उठाए थे। वहीं, आनंदपाल की मां निर्मल कंवर ने भी मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनका पप्पू राजनीति में फंसाया गया था।