गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर से ठीक पहले 24 जून को हरियाणा में सिरसा से अरेस्ट आनंदपाल सिंह के दोनों भाइयों देवेंद्रपाल और रुपेंद्रपाल सिंंह को पुलिस ने आज कोर्ट में पेश किया।
गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर के ठीक पहले 24 जून को हरियाणा में सिरसा से एसओजी पुलिस की गिरफ्त में आए आनंदपाल सिंह के दोनों भाइयों देवेंद्रपाल और रुपेंद्रपाल सिंंह को पुलिस ने आज कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
इसके बाद एडिशनल एसपी पवन मीणा एक बुलटप्रुफ गाड़ी में दोनों हार्डकोर बदमाशों को लेकर जयपुर एसओजी आॅफिस के लिए रवाना हुए। इस दौरान हथियारबंद जवानों की कई और गाड़ियां साथ आई। रिमांड के दौरान देवेंद्रपाल सिंह उर्फ विक्की और रुपेंद्र पाल सिंह उर्फ गट्टू से वे फरारी के दौरान कहां—कहां रहे और उन्हें किन—किन लोगों ने शरण दी जैसी जानकारी उगलवाई जा सकती है।
विक्की और गट्टू ने ही सिरसा में अहम खुलासा किया था
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जानकारी के अनुसार आनंदपाल सिंह के भाई विक्की उर्फ रुपेंद्र पाल सिंह और देवेंद्रपाल सिंह उर्फ गट्टू को गिरफ्तारी के बाद अजमेर की हाई सिक्यूरिटी जेल में भेज दिया गया था। इन दोनों पर फरारी के दौरान एक— एक लाख रुपए का ईनाम घोषित किया गया था। एसओजी अधिकारियों के मुताबिक विक्की और गट्टू ने ही सिरसा में पकड़े जाने के बाद अहम खुलासा किया था कि आनंदपाल मालासर, चूरू के एक गांव में हाइवे किनारे बने श्रवण राजपूत के मकान में ठहरा हुआ है।
इसके बाद पुलिस टीम ने आनंदपाल का रात करीब साढ़े 10 बजे एनकाउंटर कर मार गिराया था। वहीं, आनंदपाल के परिजन इस मांग पर भी अड़े हुए है कि आनंदपाल का अंतिम संस्कार तभी करने दिया जाएगा जबकि उसके गिरफ्तार भाई देवेंद्र, रुपेंद्र और मंजीत को अंत्येष्टि के वक्त लाया जाए। लेकिन अभी तक यह मांग मानी नहीं गई है।