पुलिस थानाप्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज मुकदमा बंद करने और परिवादी के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करने की धमकियां देकर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। जिसमें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए आज एक सबइंस्पेक्टर को 11 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
बीकानेर रेंज एसीबी की एसपी ममता राहुल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सबइंस्पेक्टर राधेश्याम श्रीगंगानगर जिले के जवाहर नगर थाने में पदस्थापित है। उसके खिलाफ 2 डी छोटी साधुवाली, श्रीगंगानगर निवासी भरत कुमार कुम्हार ने 3 फरवरी को एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी।
जिसमें बताया कि वह रवि सेतिया के यहां खराद की वर्कशॉप में मिस्त्री की जॉब करता था। मजदूरी के पैसे मांगने पर रवि ने उसके खिलाफ जवाहर नगर थाने में चोरी की शिकायत दे दी। इसके बाद पुलिस थाने में भरत कुमार से मारपीट की गई।
मुकदमा दर्ज करने की धमकियां दी
police taking bribe
- फोटो : Demo pic
तब भरत ने कोर्ट इस्तगासे के जरिए जवाहर नगर थानाप्रभारी, सबइंस्पेक्टर समेत अन्य पुलिसकर्मियों और रवि सेतिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया। जिसका अनुसंधान सबइंस्पेक्टर राधेश्याम को सौंपी गई।
परिवादी का आरोप है कि उक्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पहले कार्रवाई करने को लेकर सबइंस्पेक्टर ने 15 हजार रुपयों की रिश्वत की मांग की। रुपये नहीं देने पर वह मुकदमे की फाईल को बंद करने और उल्टे भरत कुमार के खिलाफ ही चोरी का मुकदमा दर्ज करने की धमकियां देकर रिश्वत की मांग कर दबाव डालने लगा।
इस पर एसीबी के एएसपी बीकानेर रजनीश पूनियां के निर्देशन में 5 फरवरी को शिकायत का सत्यापन करवाया। जिसमें एसआई राधेश्याम 12 हजार रुपये रिश्वत में लेने पर राजी हो गया। आज ट्रेप रचा गया। जिसमें 11 हजार रुपये लेते ही पुलिस ने सबइंस्पेक्टर राधेश्याम को रंगे हाथों धरदबोचा।