एसपी रामेश्वर सिंह ने बताया कि हत्या का शिकार मृतक मुकेश उर्फ पिंटू एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में ड्राइवर था। वह 17 फरवरी को गुड़गांव से कंटेनर में बाइक लेकर आंध्रप्रदेश के लिए रवाना हुआ था। इस दौरान गुड़गांव से आरोपी दंपती एक कंटेनर में लिफ्ट लेकर बैठ गया।
रास्ते में उन्होंने ड्राइवर मुकेश को बातों में फंसा लिया। इसके बाद जयपुर जिले में प्रागपुरा के पास मुकेश का गला घोंटकर हत्या कर दी और लाश को कंटेनर की बॉडी में छिपा दी। आरोपियों ने उसके पर्स में रखी नकदी और मोबाइल फोन चुरा लिया। यहीं नहीं, कंटेनर का डीजल निकालकर प्रागपुरा थाना इलाके में बावड़ी गांव में 10 हजार रुपये में बेच दिया। इसके बाद कंटेनर को दौलतपुरा टोल नाके के पास खड़ा कर दिया और दोनों एक अन्य ट्रक में लिफ्ट लेकर वापस गुड़गांव चले गए।
दूसरी तरफ, हीरालाल सुखलाल ट्रांसपोर्ट कंपनी के मैनेजर अहमद जान ने कंटेनर लापता होने का शाहपुरा थाने में 20 जनवरी को मुकदमा दर्ज करवाया। कंटेनर की जीपीएस से लोकेशन चेक करवाई तो उसके दौलतपुरा टोल नाके के पास होने की जानकारी मिली।
पुलिस वहां पहुंची तो कंटेनर मिल गया, लेकिन नहीं था। गाड़ी को वर्कशॉप ले आए। तब केबिन में ड्राइवर मुकेश उर्फ पिंटू की लाश नजर आई। इसके बाद शाहपुरा थाना पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर किया। शाहपुरा उपाधीक्षक भागचंद मीणा के नेतृत्व में केस की पड़ताल थानाप्रभारी वीरेंद्र सिंह राठौड़ ने की।
जिसमें पुलिस ने दौलतपुरा व राजस्थान और हरियाणा की सीमा में स्थित टोल नाकों और हाइवे पर होटल, ढाबों के सीसीटीवी फुटेज खंगाली। वहीं, कंटेनर में लगे जीपीएस की लोकेशन व संदिग्ध मोबाइल नंबरों के आधार पर मृतक मुकेश के परिजनों तक पहुंच गई। तब सामने आया कि हरियाणा राज्य की सीमा में कंटेनर में मुकेश के साथ देवेंद्र और उसकी पत्नी के मौजूद होने की जानकारी सामने आई। तब पुलिस ने आरोपी दंपती को तलाश कर ढूंढ निकाला।