गैंगस्टर आनंदपाल के पैतृक गांव में कल हुंकार रैली के दौरान हुए हिंसक उपद्रव मामले में पुलिस ने देर रात दबिश देकर 211 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, उपद्रव के दौरान हुए पथराव, मारपीट और फायरिंग के चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, 32 पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
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राजपूत व रावणा राजपूत समाज द्वारा नागौर जिले के लाडनूं के सांवराद गांव में हुकांर रैली व श्रद्धांजलि सभा का कल आयोजन किया गया था। इस दौरान देर शाम यहां उपद्रव शुरू हो गया।जिसमें आगजनी, पथराव और रास्ता जाम कर दिया। उपद्रवियों ने सांवराद रेलवे ट्रैक पर आग लगा दी और रेलवे लाइन उखाड़ने लगे। रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ कर रेलवे पुलिस के जवानों को बंधक बनाकर उन पर केरोसिन उड़ेल दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी नागौर परिस देशमुख मौके के लिए रवाना हुए। इसके बाद उपद्रवियों ने एसपी व अन्य पुलिस जाप्ते को घेर लिया और एसपी देशमुख की सरकारी गाड़ी को आग लगा दी। उपद्रवियों द्वारा किए गए पथराव और मारपीट में पुलिस के कई जवान घायल हो गए।
उपद्रवी पुलिस जाप्ते से एक एके 47, दो ग्लाॅक पिस्टल, एक 9 एमएम पिस्टल, एक पम्प एक्शन गन मय एम्यूनेशन छीनकर ले गए। उपद्रव में पुलिस के कुल 32 अधिकारी व कर्मचारी घायल हुए।जिनमें से 10 की हालत गम्भीर होने पर एसएमएस अस्पताल जयपुर में भर्ती करवाया गया।
साथ ही, 7 उपद्रवियों को भी एसएमएस अस्पताल लाया गया। जिनमें लालचन्द शर्मा की मौत हो गई। इन उपद्रवियों ने कई पुलिस वाहनों के शीशे तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस ने कल देर रात एक बजे तक दबिश देकर 211 उपद्रवियों को धारा 151 में गिरफ्तार कर लिया और 32 वाहनों को जब्त कर लिया गया।
पुलिस द्वारा इस संबंध में प्रकरण संख्या 1152017 धारा 147ए, 148ए, 149ए, 342ए, 363ए, 366ए, 354एए, 283ए, 325ए, 326ए, 435ए, 332ए, 353ए, 307ए, 397ए, 109ए, 120बी आईपीसी, आर्म्स एक्ट, पीडीपीपी एक्ट के तहत मामले पुलिस थाना जसवंतगढ़ में दर्ज किए गए। इनकी जांच वृताधिकारी मेडता सिटी द्वारा की जा रही है। उपद्रवियों द्वारा रेलवे लाइन के पास रिहायशी मकानों में भी घुसकर लूटपाट की गई। अब पुलिस द्वारा आयोजकों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।