सूरत में युवती से दुष्कर्म के आरोप में फंसे एक जैन मुनि को लेकर जैन मुनि तरुण सागर महाराज ने बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा साधु नहीं पाखंडी है।
गौरतलब है कि सूरत में पुलिस ने युवती से दुष्कर्म के आरोप में जैन मुनि आचार्य शांतिसागर महाराज को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कड़वे प्रवचन देने वाले क्रांतिकारी जैन मुनि तरुण सागर महाराज ने कहा कि सूरत में जैन मुनि पर दुष्कर्म का आरोप दुखद है।
इस तरह के जैन मुनि ने जैन धर्म के मुनियों की परंपरा को कलंकित किया है। यह मुनि का नहीं, पाखंडी का काम है। तरुण महाराज ने कहा है कि कुछ लोग धर्म की आड़ में अपने गोरखधंधे चला रहे है। जिसे किसी भी स्थिति में इसे सही नहीं ठहराया जा सकता। यह बहुत बड़ी समस्या है।
उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि हर तीसरा साधु भ्रष्ट है। बात जरा कड़वी थीं लेकिन जिस तरह से रोज घटनाएं आ रही है उससे समझ सकते है मेरा कितना कड़वा वचन है। मैं समझता हूं कि जो अन्तरंग से वैराग्य नहीं होते और केवल बाहर से साधु का चोला ओढ़ लेते है। वे लोग साधु के वेश में अपना गोरखधंधा चलाते है।