राजस्थान पुलिस विभाग में पिता की मृत्यु के उपरांत अनुकंपा नौकरी पर लगे एक व्यक्ति ने झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी की और फरार हो गया। धोखाधड़ी—ठगी के मामले सामने आने और लगातार नौकरी से अनुस्थित चलने पर पुलिस विभाग ने इस ठग को निलंबित कर दिया। वहीं जयपुर कमिश्नरेट पुलिस को पिछले करीब ढाई—तीन साल से इस ठग की तलाश थी। लेकिन यह आरोपित जयपुर में ही छिपकर पुलिस को छकाता रहा। इसे गुरुवार को सोढाला थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
थानाप्रभारी सुनील प्रसाद शर्मा के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी हेमंत पालावत है, जो कि झोटवाड़ा में खिरणी फाटक के पास अमर नगर में रहता है। करीब तीन साल पहले पायल सोनी नाम की युवती ने हेमंत पालावत के खिलाफ महेश नगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। इसमें बताया गया कि महेश नगर इलाके में ट्रिनीटी मॉल में एक दुकान व फ्लैट दिलाने के बहाने एडवांस में 10 लाख रुपए ले लिए। इसके बाद ना रुपए लौटाए और ना फ्लैट व दुकान दिलवाई। पायल ने ज्यादा दबाव डाला तो हेमंत ने उन्हें एक चेक दे दिया। वह भी बाउंस हो गया। ठगी के केस की जांच सोढाला थानाप्रभारी को सौंप दी गई।
तीन साल पहले उसे विभाग ने सस्पेंड कर दिया था
fraud case
- फोटो : Demo pic
करीब तीन साल से पुलिस हेमंत की तलाश कर रही थी। इस दौरान वह जयपुर में ही परिचितों के पास ठिकाने बदलकर रहता रहा। मोबाइल फोन भी बंद कर दिए और नई सिमों से परिचितों से जुड़ा रहा। ऐसे में पुलिस ने तकनीकी साइबर सेल की मदद से आरोपित हेमंत को धरदबोचा। परिवादी पायल ने हेमंत पर 12 लाख रुपए के चेक बाउंस की ठगी का एक और केस कर रखा है।
पड़ताल में सामने आया कि हेमंंत के खिलाफ जयपुर कमिश्नरेट के महेश नगर, ब्रह्मपुरी, कोतवाली, वैशाली नगर, उत्तरप्रदेश में नोएडा के पुलिस थानों में ठगी व धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं। इसके अलावा दर्जनभर मुकदमे चेक बाउंस में चल रहे हैं।
हेमंत के पिता के देहांत होने पर उसे पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। उसे जोधपुर भेजा गया। लेकिन वह लंबे समय तक अनुपस्थित रहा। इससे करीब तीन साल पहले उसे विभाग ने सस्पेंड कर दिया था। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। गुरुवार को सोढाला थानाप्रभारी सुनील प्रसाद को आरोपित हेमंत के अजमेर रोड पर एक पेट्रोल पंप के समीप आने की सूचना मिली थी। तब सादा वर्दी में मौजूद पुलिस ने उसे धरदबोचा।