जयपुर के प्रताप नगर इलाके से बुधवार को युवक का अपहरण कर 25 लाख रुपए फिरौती मांगने के मामले में चौंका देनेवाले खुलासे हुए। पुलिस ने गिरोह के चार अपहरणकर्ताओं को महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया और अपहृत युवक को सवाईमाधोपुर जिले में बामनवास तहसील के गांव भांवरा से मुक्त करवा लिया। अपहरण की साजिश अपहृत राहुल के खास दोस्त भरत ने ही रची थी।
इसके पीछे कहानी यह है कि भरत के परिचित एक और साथी और आरोपी गौरव प्रजापत को किसी लड़की को भगाकर ले जाने और उससे लव मैरिज कर फरारी काटने के लिए रुपयों की जरुरत थी। जिसमें भरत सहयोगी बना। उसने साजिश रचकर अपने दो दोस्तों गौरीशंकर शर्मा व राकेश मीणा को बड़ी रकम देने का लालच देकर वारदात में शामिल कर लिया था। एडिशनल पुलिस कमिश्नर प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भरत प्रजापत, गौरव प्रजापत, गौरीशंकर शर्मा और राकेश मीणा है।
ये चारों सवाईमाधोपुर जिले की बामनवास तहसील में गांव राणीला के रहने वाले है। वहीं, अपहृत युवक राहुल भी बौंली तहसील, सवाईमाधोपुर का है। पिछले लंबे अरसे से सेक्टर 8 प्रताप नगर, जयपुर में रहता है।
कल दोपहर 2 बजे राहुल के पिता विकास विश्वास ने प्रताप नगर थाने पहुंचकर उनके बेटे के अपहरण होने और अपहरणकर्ताओं द्वारा उसे छोड़ने की एवज में 25 लाख रुपए की फिरौती मांगने के धमकी भरे फोन आने का मुकदमा दर्ज करवाया था।
यह फोन आरोपियों ने राहुल के मोबाइल फोन से उसकी बहन और पिता को करवाए थे। उन्होंने खुद राहुल के परिजनों से बातचीत नहीं की। साथ ही, पुलिस को सूचना देने पर राहुल को जान से मारने की धमकियां दी।
एेसे पहुंची आरोपियों तक पुलिस और यूं छुड़ाया राहुल को
प्रेस कॉफ्रेंस में जयपुर पुलिस अधिकारी
- फोटो : Vishnu Sharma
डीसीपी कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया तब एडिशनल डीसीपी हनुमान प्रसाद मीणा के निर्देशन में एसीपी सांगानेर अशोक चौहान, प्रताप नगर थानाप्रभारी इस्लाम खान के नेतृत्व में पांच टीम गठित की गई। जिसमें स्पेशल टीम के सब इंस्पेक्टर पन्नालाल, साइबर क्राइम सेल के कांस्टेबल राकेश व ड्राइवर कांस्टेबल जितेंद्र सिंह की अहम भूमिका रही।
पुलिस टीम ने फोन लोकेशन के आधार पर परिजनों के साथ सवाईमाधोपुर व करौली की तरफ कई संदिग्ध जगहों पर दबिश दी। करीब 12 घंटे के भीतर अपहृत राहुल को मुक्त करवाकर चार अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।
एडिशनल डीसीपी हनुमान प्रसाद ने बताया कि अपहृत राहुल के दोस्त आरोपी भरत प्रजापत ने ही उसके अपहरण की साजिश रची थी। राहुल के पिता विकास और आरोपी भरत के दादाजी पक्के दोस्त है।
इसका फायदा उठाकर आरोपी भरत ने अपने साथी गौरीशंकर शर्मा, राकेश मीणा, गौरव प्रजापत के साथ मिलकर राहुल का कल सुबह अपहरण कर लिया और उसे ईओन कार में पटककर अपने गांव टोडाभीम, करौली ले गए।
उसे चाकू दिखाकर बंधक बनाए रखा और धमकाकर राहुल से ही उसके परिजनों को फिरौती के लिए फोन करवाते रहे। अपहरणकर्ताओं का प्लान था कि लंबे अरसे तक राहुल को बंधक बनाकर रखे। इसके लिए उन्होंने चंबल नदी के पास भी पहले से ही सुरक्षित जगह तलाश कर रखी थी। लेकिन इससे पहले पुलिस ने राहुल को मुक्त करवा लिया।