शराब के ठेकेदार से मासिक बंधी वसूलने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी निरीक्षक, आबकारी के ही बाबू और एक नौकर को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की इस कार्रवाई से आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
यह कार्रवाई राजस्थान में बीकानेर रेंज की एसीबी टीम ने एडिशनल एसपी रजनीश पूनियां के निर्देशन में की। एसीबी की बीकानेर रेंज एसपी ममता विश्नोई ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ललित कुमार रायसिंहनगर में आबकारी निरीक्षक है। दूसरा आरोपी रामेश्वरलाल भाटी आबकारी विभाग में बाबू है और तीसरा आरोपी घरेलू नौकर विवेक विश्नोई है।
इस संबंध में गांव डेलवा, पदमपुर बीकानेर के रहने वाले संदीप सिंह ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि उसकी रायसिंहनगर में शराब का ठेका है। इस ठेके के सुचारु संचालन और गलत मुकदमा दर्ज नहीं करने की एवज में आबकारी विभाग के ये आरोपी प्रत्येक महिने के 5000 रुपए के हिसाब से मंथली बंधी वसूल कर रहे थे।
रिश्वत की राशि किस-किस तक पहुंचती हैं
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इस साल अप्रेल से अक्टूबर माह तक पांच हजार रुपए के हिसाब से 35 हजार रुपए की मासिक बंधी रिश्वत मांगी और नवंबर माह से 6 हजार रुपए रिश्वत लेना तय हुआ। इस शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपियों ने अपने डीओ, एईओ और अन्य अधिकारी-कर्मचारियों को भी रिश्वत की राशि पहुंचाने की बात कही।
एसीबी ने एडिशनल एसपी रजनीश पूनियां के नेतृत्व में ट्रेप रचा। जिसमें परिवादी संदीप सिंह ने आबकारी के बाबू रामेश्वरलाल भाटी को रिश्वत की रकम 35 हजार रुपए दे दिए। एसीबी के मुताबिक रामेश्वरलाल आबकारी इंस्पेक्टर ललित कुमार के घर पहुंचा। जहां उनके कहे अनुसार उनके पास खड़े नौकर विवेक विश्नोई को रिश्वत की रकम दे दी।
इसके बाद विवेक ने रिश्वत की रकम को छत पर रखे चारपाई में छिपा दिया। तब ईशारा मिलने पर एसीबी टीम ने आरोपी आबकारी इंस्पेक्टर, बाबू और नौकर को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में सीआई मनोज कुमार, अशोक श्रीमाली समेत अन्य पुलिसकर्मियों की टीम मौजूद रही।