अपनी रईसी शौक की वजह से चर्चित रहने वाले व्यापारी वासुदेव इसरानी की हत्या का पर्दाफाश कर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह हत्या हार्डकोर बदमाश और अजमेर की हाई सिक्यूरिटी जेल में बंद लारेंस विश्नोई के ईशारे पर की गई थी। जिसमें अहम रोल अदा किया मंडोर थाने के हिस्ट्रीशीटर पवन सोलंकी ने। मामले में कार्रवाई करते हुए जोधपुर की सरदारपुरा थाना पुलिस ने आरोपी पवन सोलंकी को नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। वह नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले उसे पुलिस टीम ने धरदबोचा।
जबकि, अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस संभावित जगहों पर छापे मा रही है। यह हत्या रंगदारी वसूल करने के लिए की गई थी। जोधपुर पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ ने गुरुवार रात को यह खुलासा किया।
रैकी कर कारोबारी वासुदेव इसरानी की गोली मारकर हत्या
आरोपी पवन सोलंकी
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पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 17 सितंबर को की रात को जोधपुर के सरदारपुरा में कारोबारी वासुदेव असरानी की उनकी दुकान में बदमाशों ने गोली मारकर हत्या की थी। वारदात में करीब छह बदमाशों के शामिल होने की भी जानकारी है।
अनुसंधान में सामने आया कि मंडोर थाने के हिस्ट्रीशीटर पवन सोलंकी के गुर्गों ने 12 दिन पूर्व सरदारपुरा में रैकी कर कारोबारी वासुदेव इसरानी की गोली मारकर हत्या की थी। इस वारदात में भीमसागर लोहावट, जोधपुर निवासी भोमाराम विश्नोई ने वासुदेव इसरानी पर गोलियां दागीं।
जबकि नई सड़क, जोधपुर निवासी गिरफ्तार आरोपी विनोद प्रजापत उर्फ विक्की बाइक चला रहा था। करीब 12 दिन के अनुसंधान के बाद पुलिस ने वारदात के वक्त बाइक चालक विनोद प्रजापत को गिरफ्तार कर लिया। उसे जोधपुर से पकड़ा।
इस तरह बना गैंग और रची हत्या की साजिश
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जोधपुर के हार्डकोर बदमाश मुख्य साजिशकर्ता लारेंस विश्नोई और पवन सोलंकी के बीच जेल में गहरी दोस्ती हुई थी। पवन के खिलाफ 9 मुकदमे दर्ज है। पवन का फायरिंग केस में समझौता होने से वह पिछले करीब तीन माह से जेल से बाहर था। बाहर आते ही पवन सोलंकी ने लॉरेंस विश्नोई के गुर्गों को पनाह देना और उसके लिए लोकल नेटवर्क बनाना शुरू कर दिया।
दूसरी तरफ, एक और आरोपी भोमाराम विश्नोई है। भीमसागर निवासी भोमाराम विश्नोई रेलवे स्टेशन के सामने एक होटल में मैनेजर का काम करता था। आरोपी भोमाराम पहले हरेंद्र के संपर्क में आया। इसके बाद वह लॉरेंस के गैंग में चला गया।
जून में एक्सपोर्टर रितेश लोहिया के शास्त्रीनगर स्थित घर पर फायरिंग के बाद हरेंद्र जाट पंजाब चला गया। भोमाराम भी उसके साथ पंजाब में एक महिने की ट्रेनिंग के बहाने रुक गया। वारदात में तीसरा आरोपी विनोद प्रजापत टैक्सी कार चलाता है। वह भोमाराम की दोस्ती के चलते गिरोह में शामिल हुआ।