रोडवेज की स्लीपर कोच बस में अचानक आग लग गई। घटना के वक्त हाइवे पर बस की रफ्तार तेज थी। ऐसे में ड्राइवर ने बस को सड़क किनारे तब तक आग की लपटें तेज हो चुकी थी। कई यात्रियों ने खिड़की व दरवाजे से कूदकर अपनी जान बचा ली।
लेकिन एक महिला और उसकी मासूम बच्ची धू धू कर जल रही बस के अंदर ही फंस गई। इससे उनकी जिंदा जलने से मौत हो गई। घटना का पता चलने पर स्थानीय पुलिस, एंबुलेंस व फायरब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। मां व बेटी के शवों को मोर्चरी पहुंचाया। परिजनों को सूचना दी तो वहां कोहराम मच गया।
यह दर्दनाक हादसा हुआ राजस्थान के बाड़मेर जिले केे पदपदरा इलाके में। पचपदरा थाना पुलिस के अनुसार हादसे में नागौर में रावतखेड़ा के रहने वाले अजीत सिंह की पत्नी रेखा सिंह और बेटी कविया की जिंदा जलने से मौत हो गई।
अन्य यात्री कूदकर बस से बाहर आ गए
वीडियोकोच बस
- फोटो : File photo
रोडवेज की स्लीपर बस आज जयपुर से विरातरा, बाड़मेर जा रही थी। उस वक्त बस में लगभग 10-12 सवारियां बेठी थी। यह बस बालोतरा से बाड़मेर की ओर जाते वक्त बालोतरा-बागुंडी हाइवे पर खेड़ी गांव के पास पहुंची तभी अचानक बस में आग लग गई।
हादसे के वक्त यात्री झपकी ले रहे थे। आग की लपटों से बस में धुंआ भरा तब अंदर बैठी सवारियां जाग गई। चीख पुकार मच गइ। बस में आग लगने की जानकारी मिलते ही ड्राइवर ने हौंसला बनाए रखा और बस को सड़क किनारे रोक दिया।
इस बीच एक महिला और उसकी मासूम बेटी जलती बस में ही फंस गई और उनकी जिंदा जलकर मौत हो गई। दरअसल, वे धुंए से बेहोश हो गई थी और वहीं आग बढ़ने से बाहर नहीं निकल सकी। जबकि अन्य यात्री कूदकर बस से बाहर आ गए। सूचना मिलने पर तीन दमकलें मौके पर पहुंची और आग को बुझाया।