कथित गो-तस्कर 40 वर्षीय उमर खान की हत्या के मामले में पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। पड़ताल में जुटी पुलिस ने कहा है कि ये पूरा मामला ही गो-तस्करी से जुड़ा हुआ लग रहा है। हमले में घायल ताहिर एक वांटेड गो-तस्कर है। उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि कथित गो-रक्षकों के हमले में कथित गो-तस्कर उमर खान की गोली लगने से मौत हो गई थी। मौके पर उमर का साथी ताहिर भी मौजूद था, जो घायल हो गया है। वहीं, गौतस्करी के नाम पर हुई हत्या से अाक्रोशित समाज और परिवारजनों ने अलवर में आंदोलन की चेतावनी देकर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
दूसरी तरफ अलवर पुलिस ने हत्याकांड में शामिल एक बालअपचारी को धरदबोचा है, जबकि फरार अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
विज्ञापन
उमर अपने साथी ताहिर व एक अन्य के साथ पिकअप में ले जा रहा था गायें
गोवंश से भरा ट्रक
- फोटो : amar ujala
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात मृतक उमर, ताहिर और उनका एक साथी दो पिकअप में गायों को लेकर अलवर से भरतपुर के घाटमिका गांव जा रहे थे। इस दौरान गो-तस्करी की सूचना पर मौके पर पहुंचे कथित गो-रक्षकों ने उन्हें रोका। इनके बीच मारपीट शुरू हो गई और फिर किसी ने गोली चला दी। इसमें उमर खान की मौत हो गई है, जबकि उसका साथी ताहिर घायल हो गया।
इसके बाद शनिवार को अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में उमर की लाश रेलवे ट्रैक पर मिली। जांच में जुटी पुलिस ने शव की पहचान भरतपुर जिला निवासी उमर के तौर पर की। उमर के शरीर पर चोट के भी निशान थे।
पुलिस ने उमर का शव अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया है। उसे पोस्टमार्टम के लिए जयपुर भेज दिया। वहीं दूसरी तरफ घायल ताहिर का हरियाणा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा उनका तीसरा साथी जावेद अभी तक लापता है।
चाचा ने कहा, भतीजा व उसके साथी नहीं हैं गो-तस्कर
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : demo pic
अलवर पुलिस ने बीती देर रात को वारदात में शामिल एक बालअपचारी को पकड़ा है। मृतक उमर के चाचा के अनुसार हमला करने वाले अपने आप को गो-रक्षक बता रहे थे। इलियास के अनुसार भतीजा उमर व उसके साथ दो वाहनों में गायों को भरकर भरतपुर जा रहे थे। उनका कहना है कि यह दोनों गो-पालक है।
घटना के बाद से मेव समुदाय में रोष व्याप्त है। मेव पंचायत के संरक्षक शेर मोहम्मद के अनुसार इस मामले में आगे की रणनीति के लिए बैठक की जाएगी।
गौरतलब है कि अलवर जिले में ही करीब सात महीने पहले भी कुछ कथित गो-रक्षकों ने गो-तस्करी के आरोप में पहलू खान नामक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। घटना पर मेव समाज के लोग आक्रोशित है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने गोरक्षा के नाम पर उमर और ताहिर पर हमला किया।
समाज के लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जिला मेव पंचायत के संरक्षक शेर मोहम्मद ने कहा है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है जब तक शव को नहीं उठाया जाएगा ना ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा। लोगों के आक्रोश को देखते हुए अस्पताल बाहर भारी जाप्ता तैनात किया गया है।