जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सुप्रीम कोर्ट के एक एडवोकेट से 10 हजार रुपए की रिश्वत ले रहे राजस्थान हाईकोर्ट के एक एडिशनल गर्वनमेंट एडवोकेट को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। यह रिश्वत दुष्कर्म के एक मुकदमे में पालना रिपोर्ट पेश करवाने की एवज में ली गई। रिश्वत की रकम आरोपी बैंसला के हीरानगर, डीसीएम अजमेर रोड स्थित मकान से बरामद की गई। मामले में सिंधीकैंप थाना पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। जिसकी जांच की जा रही है।
एसीबी के एडिशनल एसपी नरोत्तम वर्मा ने बताया कि मंगलवार को एडवोकेट यशुदेव चौधरी ने शिकायत की थी कि उसके क्लाइंट की दुष्कर्म के एक केस में हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। बेल पर कोर्ट में 1 मई को सुनवाई हुई थी और अगली तारीख 16 मई थी। कोर्ट ने आदेश दिया था कि आराेपी संबंधित अनुसंधान अधिकारी के सामने पेश होकर अनुसंधान ज्वाॅइन करे। इसके बाद अनुसंधान अधिकारी सरकारी वकील के माध्यम से कोर्ट में पालना रिपाेर्ट पेश कराए।
एडिशनल सरकारी वकील आरआर बैंसला अनुसंधान अधिकारी से पालना रिपोर्ट लेकर कोर्ट में पेश करने की एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत के मुताबिक सरकारी वकील बैसला आरोपी पक्ष के वकील द्वारा रिश्वत नहीं देने पर सिंधीकैंप थाने के अनुसंधान अधिकारी से मिलकर आरोपी पक्ष को अनुपस्थित बताकर रिपोर्ट पेश करने की धमकी दे रहा था।
एसीबी ने परिवादी की शिकायत का सत्यापन कर लिया और आरोपी बैसला ने परिवादी वकील यशुदेव चौधरी को उसके घर पर बुलाया था। जहां पर एसीबी ने बैसला को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बैसला की राजनैतिक नियुक्ति हुई थी।