राजस्थान समेत कई राज्यों में राहगीरों को सड़क पर गिराकर या फिर कपड़ों पर मैला लगा ध्यान भटकाकर लूटपाट करने वाले ठग गिरोह का मंगलवार को जयपुर कमिश्नरेट की चौमूं थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी पश्चिम अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कृष्ण कुम्हार, भाला मुर्गन, बाबू कुम्हार, रजनी कुम्हार, अविनाश, कार्तिक व नागराज है। ये सभी महाराष्ट्र के नंदूबार जिले में बाकीपाड़ा नवाबपुर के रहने वाले है। इनसे तलाशी में 10—10 रुपए के नोटों की गड्डियां व बिस्किट के पैकेट मिले है।
इस गिरोह ने चौमूं, जोबनेर, फुलेरा, अजमेर, जोधपुर, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात व महाराष्ट्र में कई वारदातों को अंजाम दिया है। यह गिरोह एक शहर में तीन—चार वारदातें करने के बाद शहर छोड़कर दूसरे जगह चला जाता है।
इस तरह करते है ठगी व लूट की वारदात
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- फोटो : अमर उजाला
आरोपी बैंक या भीड़भाड़ वाले इलाके में खड़े हो जाते है। जहां पर कोई व्यक्ति पैसे लेकर निकलता है, तो उसका ध्यान भटकाने के लिए आस—पास दस—दस के नोट बिखेर देते है। फिर उसे रुपए गिरने का झांसा देकर ध्यान भटकाते है। ज्योंही व्यक्ति पैसे उठाने के लिए मुड़ता है। तब बदमाश उसका बैग लूटकर भाग जाते है। इसके बाद बदमाश सुनसान जगह अपने कपड़े बदल लेते है। ताकि पहचान नहीं हो सके।
इसी तरह, भीड़भाड़ वाली जगह ये बदमाश मुंह में बिस्किट का घोल भरकर रखते है। जिस व्यक्ति को टारगेट करते है, तो उसके शर्ट पर पीक थूक देते थे। उसके बाद उस व्यक्ति धोने के लिए पानी की बोतल देकर बैग पकड़ने के बहाने लूटपाट कर भाग जाते है।
एडिशनल डीसीपी रतन सिंह के मुताबिक पिछले एक माह में चौमूं में ऐसी तीन वारदातें हुई। तब थानाधिकारी जितेन्द्र सोलंकी, सबइंस्पेक्टर रामेश्वर खोखर, सतीश कुमार के नेतृत्व में दो टीमों ने चौमूं में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। अलग—अलग जगहों से मोबाइल नंबरो की लोकेशन ट्रेस करके इन बदमाशों को चिन्हित कर लिया और पुलिस ने इन्हें धरदबोचा।