जयपुर में एक व्यवसायी से अस्पताल में निवेश करवाने के बहाने 20 लाख रुपए की ठगी कर फरार हुए मास्टरमाइंड दंपत्ति को पुलिस ने शुक्रवार को विशाखापत्तनम से गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ मोतीडूंगरी थाने व जवाहर नगर थाने में ठगी के केस दर्ज है। आरोपी मास्टरमाइंड सत्येन रॉय और उसकी पत्नी संतना रॉय को पकड़ने के लिए जयपुर कमिश्नरेट की जवाहर नगर थाना पुलिस ने उनकी महिला मित्र के जरिए जाल बिछाया था।
डीसीपी पूर्व कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि पश्चिम बंगाल निवासी आरोपी सत्येन रॉय व उसकी पत्नी संतना रॉय है। उनके खिलाफ राजापार्क निवासी रामप्रसाद शर्मा ने जवाहर नगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें बताया कि उनकी ट्रेवल्स कैफे के नाम से फर्म है। वर्ष 2015 में आरोपी सत्येन रॉय और उसकी पत्नी ने रामप्रसाद से मुलाकात की थी। बातचीत में आरोपी दंपत्ति ने बताया कि उनका पत्रकार कॉलोनी महावीर नगर में शिवांश अस्पताल है। जिसके वे लोग डायरेक्टर है।
कॉल डिटेल में सत्येन की पत्नी संतना रॉय का मोबाइल नंबर मिला
Arrest
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तब आरोपियों ने पीड़ित रामप्रसाद को अस्पताल में 30 प्रतिशत की भागीदारी के नाम पर पार्टनरशिप की बात कही। आरोपियों के झांसे में आकर रामप्रसाद ने डीड साइन कर दी और जून, 2015 में 20 लाख रुपए आरोपी दंपत्ति को दे दिए। इसके करीब तीन माह बाद सत्येन व उसकी पत्नी अस्पताल बंद कर भाग गए। इससे पहले रामप्रसाद के एयर टिकट, होटल बुकिंग, व टैक्सी बुकिंग की एवज में आरोपियों द्वारा दिए 18 लाख 5 हजार के भुगतान के चैक भी बाउंस हो गया। तब रामप्रसाद ने शिकायत दर्ज करवाई।
थानाप्रभारी जितेंद्र गंगवानी ने बताया कि मुकदमे में आरोपी सत्येन को मार्च 2016 में पुलिस ने सत्येन को गोरेगांव, मुंबई से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया। जहां से वह जमानत पर फरार हो गया। तब उसका गिरफ्तारी वारंट भी निकल गया। तब से आरोपी दंपत्ति का पता नहीं चला। इसके लिए पुलिस ने सत्येन की कॉल डिटेल निकलवाई। जिसमें उसकी महिला मित्र के नंबर हाथ लगे। उसे विश्वास में लेकर सत्येन के नए मोबाइल नंबर मिले।
उनकी कॉल डिटेल निकलवाई जिसमें सत्येन की पत्नी संतना रॉय का मोबाइल नंबर मिला। जो दो माह पहले उसने लिया था। इसके बाद एएसआई भवानी सिंह, कांस्टेबल राजपाल व महिला कांस्टेबल मनराज की टीम ने दंपत्ति को विशाखापत्तनम से गिरफ्तार कर लिया।