राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड में इंजीनियर्स की मनचाही जगह पोस्टिंग के लिए इंजीनियर ही घूसखोरी में लिप्त पाए गए हैं। पोस्टिंग का अधिकार मंत्री और सीएमडी के पास होता है, लेकिन हैरत की बात यह है कि दलाल के जरिए 2.25 लाख रुपये की रिश्वत लेकर जयपुर में बैठे एक्सईएन ने उदयपुर के एक्सईएन का तबादला रुकवा दिया। एसीबी ने घूस लेने-देने वाले दो एक्सईएन, एक जेईएन और एक दलाल ठेकेदार समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है पकड़े गए आरोपी पिछले दो महीने में एसीबी के रडार पर थे।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम में ट्रांसफर के नाम पर घूसखोरी का खुलासा करते हुए रिश्वत देने-लेने वाले दो एक्सईएन के साथ दलाल बने एक जेईएन और एक ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। तबादले से बचने के लिए उदयपुर के एक्सईएन जीनन जैन ने दलालों के जरिए जयपुर के प्रताप नगर श्योपुर निवासी एक्सईएन कुंज बिहारी गुप्ता से 2.25 लाख में सौदा तय किया था। एक लाख वह पहले ही दे चुका। दूसरी किश्त के 1.25 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों कुंज बिहारी गुप्ता को एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एसीबी उदयपुर टीम ने रिश्वत देने वाले एक्सईएन जीनन जैन, भीलवाड़ा के सुभाष नगर निवासी दलाल कल्पन व्यास और दलाल से मिलवाने वाले उदयपुर निवासी जेईएन विपिन चौहान को भी गिरफ्तार कर लिया।
एक लाख की घूस पहले ले चुका था एक्सईएन...
एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी विद्युत प्रसारण निगम में डायरेक्टर ऑपरेशन का टेक्निकल असिस्टेंट एक्सईएन कुंजबिहारी गुप्ता निगम में पोस्टिंग दिलाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों से रुपये वसूल रहा है। इसमें शामिल अधिकारी दो महीने से एसीबी के रडार पर थे। वेरिफिकेशन में सामने आया कि कुंज बिहारी उदयपुर में जीनन जैन का प्रमोशन होने पर एक्सईएन बनने के बाद उसे उदयपुर में ही पोस्टिंग दिलाने के बदले एक लाख रुपये ले चुका है, बाकी के 1.25 लाख मंगलवार को देना तय हुआ।
जयपुर में विद्युत भवन पर दलाल की कार में बैठकर ली एक्सईएन ने रिश्वत...
एसीबी के एडिशनल एसपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया, जांच में सामने आया कि जेईएन विपिन कुमार और भीलवाड़ा की फार्म गीतांजलि इलेक्ट्रॉनिक्स का ठेकेदार कुंज बिहारी के लिए दलाली कर रहे हैं। मंगलवार सुबह 11 बजे एसीबी टीम जयपुर में जनपथ स्थित विद्युत भवन पहुंची। दोपहर एक बजे दलाल कल्पन व्यास वहां कार से पहुंचा और थोड़ी देर बाद ही एक्सईएन कुंज बिहारी ऑफिस से बाहर आकर उसकी कार में बैठ गया। रिश्वत लेकर उतरते समय एसीबी ने कुंज बिहारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद बाकी आरोपियों को भी एसीबी टीमों ने पकड़ लिया।