कोविड प्रबंधन के संबंध में शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन के सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और आईसीयू बैड्स एवं चिकित्सकीय स्टॉफ एवं दवा, इत्यादि संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जयपुर और जोधपुर में जीनोम सिक्वेसिंग की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही उन्होंने कोटा में जीनोम सिक्वेसिंग जांच सुविधा तुंरत प्रभाव से प्रारम्भ करवाने के निर्देश संबंधित को दिए।
शासन सचिव ने बताया, कोविड की प्रथम लहर और दूसरी लहर में भी राजस्थान ने बेहतरीन कोरोना प्रबंधन किया, जिसे राजस्थान मॉडल को देश-विदेश में भी सराहा गया। उन्होंने बताया, फिलहाल प्रदेश में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि सर्दी के मौसम में मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए मास्क का उपयोग करें एवं हाथों को साबुन से धोते रहें।
हेल्थ केयर वर्कर्स को प्रिकॉसन डोज कैम्पेन के निर्देश, डॉ. पृथ्वी ने निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज, जिला एवं ब्लॉक स्तर तक कार्यरत सभी हेल्थ केयर वर्कर्स को वैक्सीनेशन की प्रिकॉशन डोज लगाने के लिए विशेष कैम्प आयोजित किए जाएं। उन्होंने एसएमएस मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बॉयोलॉजी विभाग के चिकित्सकों को कम पॉजिटिविटी वाले क्षेत्रों में कम्युनिटी में इम्युनिटी की स्थिति जानने के लिए सीरो-सर्वे करवाकर रिपोर्ट सात दिवस में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों में आईसोलेशन बेड, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर का त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और ऑक्यूपेसी की सतत मॉनीटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
शासन सचिव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश के एयरपोर्ट पर आने वाले अन्तर्राष्ट्रीय यात्रियों में से दो प्रतिशत यात्रियों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करवाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। डॉ. पृथ्वी ने कोविड-19 की मॉनिटरिंग के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग, निदेशालय और अस्पताल स्तर पर स्थापित कोविड सेल को क्रियाशील करवाने के निर्देश भी दिए।