राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती- 2016 में उच्च वरीयता रखने वाले अभ्यर्थियों को गृह जिले के खाली पदों पर पद स्थापित करने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश प्रकाशचंद्र व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को कहा है कि वह इस संबंध में अपनी आपत्तियां विभाग के समक्ष पेश करें।
याचिका में कहा गया की याचिकाकर्ताओं के मेरिट में अधिक अंक हैं, इसके बावजूद भी उन्हें गृह जिले में नियुक्ति ना देकर सुदूर जिलों में नियुक्ति दी गई है। जबकि आरक्षण सूची वाले अभ्यर्थियों को उनके गृह जिले में ही नियुक्ति मिली है। ऐसे में याचिकाकर्ताओं को भी गृह जिले में ही नियुक्ति दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकल पीठ ने याचिकाकर्ताओं को गृह जिले की खाली सीटों पर नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं।