अजमेर के बहुचर्चित रामकेश मीणा हत्याकांड में न्यायालय ने जांच अधिकारी आईपीएस मोनिका सैन को आरोपियों को लाभ पहुंचाने की बात कहते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। अगली सुनवाई पर आईपीएस सैन को स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के आदेश न्यायालय ने दिए हैं।
रामकेश मीणा हत्याकाण्ड की शुक्रवार को अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण न्यायालय में सुनवाई हुई। इसमें न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने कहा कि जांच अधिकारी आईपीएस मोनिका सैन ने आरोपियों को जान—बूझकर लाभ पहुंचाने के लिए एससी एसटी की धारा नहीं जोड़ी और यही कारण रहा कि दो आरोपियों को जमानत पर रिहा भी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उक्त दोनों आरोपी जमानत के काबिल नहीं थे, लेकिन मोनिका सैन की लापरवाही के कारण दोनों को जमानत दी गई।
विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज जैन ने कहा कि न्यायाधीश शर्मा ने आईपीएस मोनिका सैन के कार्य को विधि के विरुद्ध मानते हुए आगामी तारीख पर स्वयं उपस्थित होकर लिखित में स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं। साथ ही, दोनों आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए हैं। वहीं आरोपी पक्ष के वकील अजय वर्मा ने कहा कि न्यायाधीश ने जमानत पर छोड़े गए दो आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट नियम विरुद्ध जारी किए हैं। इसके लिए हाईकोर्ट की शरण ली जाएगी।