देश में कोरोना का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। मौजूदा समय में कोरोना की दूसरी लहर स्वास्थ्य विभाग और लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। राज्य में पिछले एक महीने में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर दस गुना ज्यादा हो गई है। वहीं पिछले 30 दिनों में कोरोना की रफ्तार 14 गुना हो गई है।
बता दें कि दो मार्च को कोरोना के 102 नए मामले सामने आए थे, जबकि दो अप्रैल को यह आंकड़ा बढ़कर 1,400 के पार हो गया। राजस्थान की राजधानी जयपुर, जोधपुर, कोटा, डूंगरपुर और उदयपुर में रोजाना 100 से ज्यादा संक्रमित मामले सामने आ रहे हैं।
इधर कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा कि निजी अस्पताल में 10 फीसदी बिस्तर कोविड-19 मरीजों के लिए संरक्षित करके रखा जाए। राज्य में अभी 10,000 से ज्यादा सक्रिय मामले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राजस्थान में 10,484 मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इनमें से सबसे ज्यादा सक्रिय मामले 1,891 जयपुर से हैं। इसके बाद जोधपुर में सक्रिय मामलों की संख्या ज्यादा है, यहां रोजाना 100 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। जयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर और भीलवाड़ा में सक्रिय मामले तेजी से बढ़े। पूरे राज्य के कुल मरीजों का 70 फीसदी हिस्सा इन्हीं आठ शहरों में हैं।
राज्य सरकार लगातार सख्ती के आदेश जारी कर रही है लेकिन उसके बाद भी धरातल पर हकीकत अलग है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ट्वीट कर लोगों को हिदायत दे रहे हैं कि वो मास्क जरूर पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। लेकिन सरकार के मंत्री भीड़ लेकर घूम रहे हैं। भले ही राज्य में कोरोना की रोकथाम के लिए नाइट कर्फ्यू लागू किया जा रहा है लेकिन दिन में सार्वजनिक जगहों और बाजारों में हाल बेहाल है। इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई रोक-टोक नहीं हो रही है।