केंद्र सरकार के एजेंसी के दुरुपयोग और सरकारी कंपनियों को बेचने के विरोध में सिविल लाइन फाटक में आयोजित कांग्रेसियों के धरने के दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए विवादिन बयान दे डाला। रंधावा ने लवामा हमले पर ही सवाल खड़े कर दिए। रंधावा ने आरोप लगाते हुए कहा कि कहीं लोकसभा का चुनाव जीतने के लिए तो पुलवामा हमला नहीं करवाया गया? उन्होंने पुलवामा हमले की निष्पक्ष जांच की मांग भी कर डाली।
नेताओं के पीछे घूमने वाले टिकट की आस न ही करें
रंधावा ने कहा कि आपसी लड़ाई खत्म करो और मिलकर कांग्रेस को सत्ता में वापस लाओ। टिकट केवल उसी को मिलेगा जो पार्टी के लिए काम करेंगे। नेताओं के पीछे घूमने वाले टिकट की आस न ही करें। रंधावा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं को आपसी लड़ाई और गुटबाजी को छोड़कर एकजुट होना चाहिए। अगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने गुटबाजी और आपसी लड़ाई को खत्म कर दिया तो देश से बीजेपी और मोदी अपने आप खत्म हो जाएंगे, क्योंकि आपसी लड़ाई का कोई मतलब नहीं है, इसका नुकसान पार्टी को हो रहा है।
इस मौके पर कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट और मुख्यमंत्री गहलोत कहीं नजर नहीं आए। वहीं कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, मंत्री बीडी कल्ला, मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, क्रीड़ा पारिषद की अध्यक्ष कृष्ण पूनिया सहित अन्य मंत्री हुए प्रदर्शन में शामिल रहे।