राजनीति में कहा जाता है कि सब कुर्सी के साथ होते है। कुर्सी का पावर है तो सब आपके पीछे चलेंगे, लेकिन ये चली जाए तो खास भी आम हो जाता है। ऐसा ही नजारा राजस्थान की यात्रा पर आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुरुदास कामत की राजस्थान यात्रा के दौरान देखने को मिला।
एआईसीसी के पूर्व महासचिव एवं राजस्थान के पूर्व प्रभारी गुरुदास कामत राजस्थान की यात्रा पर आए। इस दौरान उन्होंने चुरू में सालासर बालाजी के दर्शन किए और अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर अकीदत के फूल पेश किए।
कामत की इस राजस्थान यात्रा के दौरान उनका स्वागत करने के लिए कांग्रेस का कोई पदाधिकारी या कार्यकर्ता नहीं पहुंचा। वे एक सामान्य नेता की तरह चुरू और अजमेर पहुंचे और मंदिर एवं दरगाह जाकर लौट गए। हालांकि दरगाह और मंदिर दोनों ही जगह उन्हें वीआईपी का दर्जा मिला।
उधर, इस दौरान वे मीड़िया से बचते नजर आए। राजस्थान यात्रा के बाद उन्होंने अपनी तस्वीरें फेसबुक पर डाली। जबकि कामत राजस्थान के प्रभारी थे तो उनकी अगुवाई के लिए कांग्रेसी जुट जाते थें। बुधवार को उनके आने की खबर प्रदेश कार्यालय या जिला इकाइयों को भी नहीं थी।