पट्टों पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तस्वीर लगी होने के निर्देश ने राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर से हलचल मचा दी। हालत यह है कि सत्तारुढ पार्टी भाजपा के वरिष्ठ विधायक इसका विरोध कर रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी ने गुरुवार को एक प्रेस नोट जारी कर पट्टों पर मुख्यमंत्री की तस्वीर प्रकाशित करने को विधि विरुद्ध व अनैतिक बताया है।
इस बारे में तिवाड़ी का कहना है कि सरकार को अपना यह फैसला वापस लेना चाहिए। पट्टे पर किसी भी फोटो की बजाय केवल पट्टाधारी का ही फोटो लगाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि गुरुवार को शहरी कल्याण शिविर में जारी होने वाले पट्टों पर मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाए जाने के आदेश दिए गए थे। राज्य सरकार ने ये निर्देश नगरीय विकास और स्वायत्त शासन विभाग ने सभी स्थानी विकास प्राधिकरण, यूआईटी को जारी किए थे। इन आदेशों के विरोध में भाजपा के विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने बताया कि इस प्रकार का कार्य सरासर अनुचित व नियम विरुद्ध है। इस आदेश को तुरंत वापिस लिया जाना चाहिए।
उनके अनुसार यह उच्चतम न्यायालय के निर्णयों के खिलाफ है। यदि पट्टे पर सीएम की फोटो होगी तो पट्टा किसी भी वैधिक कार्य होने पर यह अनुपयोगी सिद्ध नहीं होगा। इसके अलावा पट्टे पर केवल पट्टा धारक का ही फोटो होना चाहिए।
तिवाड़ी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री पदच्युत हो जाती हैं, तो नया मुख्यमंत्री इन पट्टों पर तस्वीर होने के कारण पट्टा धारकों को नया पट्टा लेने बाध्य कर सकता है। ऐसे में पट्टा धारकों के साथ बड़ी समस्या पैदा हो सकती है। इस तरह सीएम की तस्वीर पट्टों पर लगाकर देना सीएम को मालिक या फिर बक्शीशकर्ता बताता है, जो गलत है।