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Politics: गहलोत ने कहा- जिन्हें बिना रगड़ाई पद मिल गए, वे देश में फितूर कर रहे, इलेक्टोरल बॉन्ड बड़ा घोटाला

Mon, 17 Oct 2022 05:05 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीसीसी मुख्यालय में आज कांग्रेस अध्यक्ष के लिए मतदान करने के बाद मीडिया से रूबरू हुए। पीसीसी मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए बड़ा सियासी बयान दिया।
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सीएम अशोक गहलोत - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पीसीसी में कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव मतदान के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम अशोक गहलोत ने इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, आजादी के बाद से देश में यह सबसे बड़ा घोटाला है। एनडीए ने इसमें ऐसे-ऐसे काम किए हैं कि किसी पर ब्लेम भी न आए और आराम से वह पैसा कमा सकें। ऐसे स्कैंडल को संस्थागत कर दिया गया है। ऐसा इतिहास में कभी नहीं हुआ, जो एनडीए सरकार ने किया है। ये लोग सुप्रीम कोर्ट में अभी भी कह रहे हैं कि हमने सही किया है, जबकि 95 प्रतिशत से ज्यादा पैसा बीजेपी को मिल रहा है। बाकी पार्टियों को कुछ भी नहीं मिल रहा है।

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सीएम गहलोत ने कहा, कई ऐसे उद्योगपति हैं जो डर के मारे इलेक्टोरल बॉन्ड दे रहे हैं। इसके बारे में कोई पूछने वाला नहीं है, कुछ रिकॉर्ड में भी नहीं है। ये सोच समझकर लॉन्ग टर्म प्लानिंग के आधार पर स्कैंडल किया गया है। गहलोत ने कहा, मैंने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और राष्ट्रपति के सामने इस मुद्दे को उठाया था। लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। अब ज्यूडिशियरी क्या फैसला करती है, वो देखने वाली बात है।

सवाल: आपकी नजर में क्या रास्ता हो सकता है, इस तरह की घपलों को रोकने के लिए?
जवाब: 
इसको बंद करवाना चाहिए, सुप्रीम कोर्ट इसको लेकर काम करे। पहली बात तो सुप्रीम कोर्ट खुद गलती कर रहा है डिले करके। इतना बड़ा इश्यू है देश के लिए और आपने साल-दो साल लगा दिए उसके ऊपर। प्राथमिकता पर इसका फैसला करना चाहिए। रेगुलर सुनवाई होनी चाहिए, पूरे देशवासी स्तब्ध हैं, कोई समझ नहीं पा रहा है कि करें क्या इनका? क्योंकि जो हालात चल रहे हैं देश के अंदर, उससे डेमोक्रेसी को खतरा है। संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं, कोई पूछने वाला नहीं है। इनको और इलेक्टोरल बॉन्ड आप कैसे दे सकते हो? कोई ट्रांसपरेंसी नहीं उसके अंदर तो ये हालात बहुत गंभीर हैं। मैं ये कह सकता हूं कि हम उम्मीद करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट सही फैसला देगा।
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सवाल: गुजरात चुनाव का एलान नहीं किया गया और हिमाचल प्रदेश का कर दिया गया है, जबकि काउंटिंग एक साथ होने वाली है?
जवाब: ये भी आप समझ लीजिए कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को चाहिए कि उनकी क्रेडिबिलिटी पर धक्का लग रहा है, जिस रूप में उन्होंने खाली हिमाचल का चुनाव डिक्लेयर किया है। मैं चाहूंगा कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया पूरे देशवासियों को विश्वास में ले। बताए कि किन कारणों से आपने खाली हिमाचल प्रदेश का चुनाव घोषित किया है। काउंटिंग साथ में होगी, काउंटिंग साथ में होगी, पर अलग-अलग चुनाव क्यों करवा रहे हो आप? क्या सुविधा देना चाहते हो बीजेपी को आप, ये बताओ आप। हमारा आरोप है कि ये बिना प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के इशारे के बगैर संभव नहीं था। उनके इशारे से अगर चलेगा इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया, तो आप सोच सकते हो कि फिर निष्पक्ष चुनाव कैसे होंगे?

सवाल: मनीष सिसोदिया के यहां सीबीआई रेड वापस से पड़ी है, उन्होंने सवाल खड़े किए हैं कि सीबीआई का दुरुपयोग किया है?
जवाब: देखिए वो तो आज मेरे ख्याल से उनको बुलाया गया है तो आज मैं कोई कमेंट नहीं कर सकता कि आज पता नहीं 11 बजे जाने का था उनका, मुझे जानकारी नहीं है उनके बारे में। लेकिन मनीष सिसोदिया की बात ही क्यों करें? पूरे देश में कई मनीष सिसोदिया बन गए हैं। यहां तमाम जगहों पर ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई के छापे पड़ रहे हैं। हमारे यहां क्राइसिस हुआ था, तब जो छापे एक साथ में पड़े हैं, जिन होटल में हम लोग थे। हम होटल में ऊपर हैं और नीचे छापे पड़ रहे हैं। धर्मेंद्र राठौड़ के यहां क्यों आए वो? कोई उद्योगपति हैं वो? उनके यहां छापे पड़ गए, मेरे भाई के यहां चले गए जोधपुर के अंदर, जबकि हमारा उनसे केवल भाई का रिश्ता है, वो क्या धंधा करते हैं, क्या बिजनेस करते हैं, पर फिर भी चले गए उनके यहां। फिर सीबीआई चली गई, तो ये जो डराकर-धमकाकर राजनीति कर रहे हैं देश के अंदर, बहुत खतरनाक मोड पर देश चल रहा है।

गहलोत ने कहा, राहुल गांधी की जो यात्रा है वो इसी के लिए है कि ये जो तमाम हरकतें हैं बीजेपी की, ये बंद होनी चाहिए। देश में वापस जो यूपीए गवर्नमेंट में माहौल था, वो 2जी स्पेक्ट्रम कहां चला गया? वो लोकपाल कहां चला गया? कोल गेट कहां चला गया? कोई चर्चा करता है देश के अंदर? जिनको लेकर सत्ता में आए हैं, कोई चर्चा हो ही नहीं रही है देश के अंदर। आप सोच सकते हैं कि किस प्रकार देश को धोखा देकर चुनाव जीतकर आए थे धर्म के नाम पर, आज भी धर्म के नाम पर राजनीति कर रहे हैं जो बहुत खतरनाक है। अभी अच्छी लग सकती है कुछ लोगों को, आने वाली पीढ़ियों के लिए उचित नहीं है।

सवाल: आपने भ्रष्टाचार की बात की लेकिन एसीबी में कई ऐसे प्रॉसीक्यूशन सेंक्शन के मामले हैं, जिनको आप ही की सरकार क्लीयर नहीं कर रही है?
जवाब: 
देखिए डिपार्टमेंट की जो जिम्मेदारी है, उनको निभानी चाहिए। जो केसेज मेरे पास में आते हैं उनको मैं दिखवाता हूं और मैं दिखवाऊंगा जो आप मुझे बता रहे हैं। एसीएस होम को मैंने कहा है कि आप इसकी मॉनिटरिंग करें, सभी विभागों के अंदर कि कहां-कहां पर किन कारणों से रुका हुआ है।

सवाल: पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा, राजस्थान का बेरोजगार पलायन कर रहा है?
जवाब: देखिए वसुंधरा राजे की जो स्थिति बनाई है बीजेपी ने, इसलिए वो उनका फर्ज बनता है कि वे कुछ बातें ऐसी बोलें जिससे कि वापस से वह सर्कुलेशन में आ सकें और ये स्वाभाविक भी है। मैं उनका बुरा नहीं मानता हूं उनके साथ जो अन्याय कर रही है बीजेपी, वो भी तो सबके सामने है। एक पूर्व मुख्यमंत्री के साथ में आप व्यवहार भी ठीक नहीं करो, बातचीत भी नहीं करो। अपॉइंटमेंट नहीं दो ये तो हमारी पार्टी में कभी नहीं हुआ। हम भी पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं, पूरा सम्मान मिला हमें पार्टी के अंदर। हमें पूर्व मुख्यमंत्री होते हुए भी गुजरात का इंचार्ज बनाया गया। एआईसीसी का महामंत्री बनाया गया, एआईसीसी का संगठन महामंत्री बनाया गया, तो क्या पद से हटने के बाद में आप इस प्रकार से व्यवहार करोगे तो फिर वो क्या करेंगी? वो भी कुछ करेंगी।

सवाल: गुजरात में अब कुछ लोक-लुभावनी घोषणाएं होने वाली हैं, आज गुजरात के दौरे पर आप जा रहे हैं?
जवाब: गुजरात में जो घोषणाएं होनी थीं, वो तमाम घोषणाएं राहुल गांधी कर चुके थे। मेनिफेस्टो को वो हिंट दे चुके थे कि क्या-क्या हो सकता है। राहुल गांधी जब आए थे पांच तारीख को गुजरात में, तब उन्होंने कुछ घोषणाएं कर दी थीं। वो हमारा आधार है, मोटे तौर से मैं ये कह सकता हूं कि राजस्थान में जो हमने काम किया है अद्भुत काम है वो। चाहे वो स्वास्थ्य की योजनाएं हों, चिरंजीवी की हों, चाहे वो शहरी रोजगार योजना हों, इंदिरा गांधी जी के नाम से हों, चाहे शहरी इंदिरा गांधी रसोई योजना हो, चाहे उड़ान हो और कर्मचारियों के लिए ओपीएस हो, जो राजस्थान में किया हमने, वो तमाम करीब-करीब सभी योजनाएं गुजरात में लागू की जाएंगी।

सवाल: खरगे के लिए आपने अपील की थी, आपका अनुभव क्या कहता है?
जवाब: खरगे भारी बहुमत से जीतेंगे, बहुत अनुभवी व्यक्तित्व के धनी हैं और मैं समझता हूं कि पूरे देश के अंदर एक माहौल है कि जो व्यक्ति 50 साल से राजनीति कर रहा है। नौ बार तो विधानसभा में रहे, दो बार लोकसभा में रहे, अभी वो आपके राज्यसभा के अंदर नेता प्रतिपक्ष हैं। संगठन में भी उनका अनुभव है, तो ऐसे व्यक्तित्व के आदमी को अगर मौका मिलता है तो कांग्रेस में मैं समझता हूं कि नई जान फूंकेंगे। उनका अनुभव भी काम आएगा और अनुभव से ही काम होता है। युवा शक्ति अपनी मेहनत कर सकती है, पर अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता है।

सवाल: क्या कांग्रेस में ऑल इज वेल है। आपने बीजेपी पर आरोप लगाया है, वसुंधरा के साथ अच्छा व्यवहार नहीं हो रहा है, वो ही आरोप आपकी पार्टी पर भी लगते हैं?
जवाब-
किसके ऊपर लगता है?

सवाल: आपकी पार्टी पर कि युवा वर्ग नाराज है आलाकमान से?
जवाब: 
नो-नो, युवा वर्ग नाराज नहीं है, जो लोग छोड़कर गए हैं वो अवसरवादी लोग हैं, उनको कम उम्र में चांस मिल गया केंद्रीय मंत्री बनने का। जो फितूर कर रहे हैं देश के अंदर, वो फितूर वो ही कर रहे हैं, जिनको पहले मौका मिल गया है। जब मौका मिलना चाहिए था रगड़ाई होने के बाद में, उसकी बजाय पहले ही मौका उनको मिल गया। इसलिए वो फितूर कर रहे हैं और पार्टी छोड़-छोड़कर जा रहे हैं। चाहे वो सिंधिया जी हों, चाहे वो जितिन प्रसाद जी हों, चाहे आरपीएन सिंह जी हों। कम उम्र में इनको मौका मिल गया। इससे बड़ा अवसरवाद क्या हो सकता है। युवा पीढ़ी का हम सम्मान करते हैं, हम भी युवा थे एक वक्त में। साल 1980 के वे तमाम लोग हैं, जो कि 28-29-30 और 32 साल के थे, उनको आज 40 साल से तमाम पोस्ट पर पद मिल रहे हैं। मौके मिल रहे हैं, ये गांधी परिवार ने दिया था।

गहलोत ने कहा, उन्होंने विश्वास किया हम पर। कांग्रेस की विचारधारा के लिए हम लोग प्रतिबद्ध हैं, अवसर मिला हम लोगों को, आज इनको मौका मिल गया। पहली बार जीतते ही मौका मिल गया कई लोगों को तो, कई लोगों को दूसरी बार जीतते ही मौका मिल गया, तो क्या इनको सब्र नहीं करना चाहिए था? सब्र करते धीरे-धीरे पार्टी के अच्छे दिन भी थे और बुरे दिन भी आए हैं। बुरे दिन में हमने भी काम किया था, जब इंदिरा गांधी चुनाव हार गई थीं। नौजवानों को सब्र करना चाहिए, कभी मौका मिलेगा और अच्छे दिन आएंगे। जल्दबाजी जितनी करेंगे, उतनी ठोकर खाते जाएंगे।

सवाल: जो पार्टी में रहकर फितूरबाजी कर रहे हैं, पार्टी छोड़कर नहीं गए हैं, उनके लिए क्या संदेश है?
जवाब: उनके लिए संदेश यही है, जो हमने काम किया था जब चैलेंज थे, जब चुनाव हार गए थे। उस वक्त जो काम हम लोगों ने किया, उसी ढंग से काम करते जाएं। अच्छे दिन आएंगे तो उनको अच्छा अवसर मिलेगा। मेरा मानना है, मेरी शुभकामनाएं हैं उनके प्रति, जो आज भी कांग्रेस में जमे हुए हैं। आज संकट का वक्त है, जमकर काम करें वो लोग। अच्छे लोगों की खुश्बू अपने आप ही फैलती है। उनकी क्रेडिबिलिटी बढ़ती है पार्टी में, रैंक एंड फाइल में उनका मान-सम्मान बढ़ता है। जब मौका आता है तो लीडरशिप उनको चांस देती है, जैसे हम लोगों को चांस मिला।
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सवाल: कई लोग और चेहरे ऐसे हैं, जो अभी मुहाने पर खड़े हैं कि अगर मौका नहीं मिला तो शायद पार्टी छोड़ दें या विचार करें इस तरह का?
जवाब: ऐसा माहौल अभी देश में बना हुआ है, राहुल गांधी की यात्रा के बाद में मैं समझता हूं कि अब कोई पार्टी छोड़ेगा तो हजार बार सोचकर छोड़ेगा।

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