डॉक्टर की हड़ताल के आगे बेबस नजर आ रहे राजस्थान के लाखों को मरीजों के साथ न्याय करने के लिए हाईकोर्ट छुट्टी के दिन भी खुला। हाईकोर्ट में आज राजस्थान के हड़ताली सेवारत डॉक्टर्स को लेकर सुनवाई हुई जिसके बाद कोर्ट ने सरकार को आदेश देते हुए कहा है कि हड़ताली डॉक्टर्स पर कोई भी कार्रवाई करने के लिए उन्हें खुली छूट है।
आज राजस्थान हाईकोर्ट में डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर के स्पेशल वेकेशन बैंच का गठन किया गया है जिसमें मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नांद्राजोग की खंडपीठ ने आज सरकार की ओर से पेश किए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार को खुली छूट है कि वो काम पर ना लौटने वाले डॉक्टर्स पर विधि अनुसार कोई भी कार्रवाई कर सकती है।
प्रार्थना पत्र में सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि पूर्व में रेस्मा के तहत जो भी उचित कार्रवाई की जा सकती थी वो हम कर चुके बावजूद इसके करीब 82 प्रतिशत डॉक्टर्स काम पर नहीं लौटे। वहीं हाईकोर्ट की ओर से डॉक्टरों की गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने के बाद अब कोर्ट ने कहा कि सरकार को खुली छूट है कि वो डॉक्टर्स पर कोई भी कार्रवाई कर सकती है।