राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
- फोटो : Amar Ujala
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर हिंदुत्व और धर्म की राजनीति करने वालों को आडे हाथों लिया है। इस बार गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर यह भी कहा कि हिंदुत्व और धर्म के नाम पर राजनीति करना और आग लगाना आसान है लेकिन उस आग को बुझाना मुश्किल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू राष्ट्र बनाने की बातें करने वाले यह तो बताएं कि अन्य सभी धर्मों के लोगों को कहां निकालेंगे। यह बात मुख्यमंत्री गहलोत ने आवास पर हुए विभिन्न कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह के दौरान कही।
लोकतंत्र और संविधान आज खतरे में
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आज संविधान और लोकतंत्र खतरे में है और देश में तनाव भरा माहौल है। उन्होंने कहा कि यह लोग धर्म के नाम पर सत्ता में आ गए लेकिन महात्मा गांधी और बाबा साहब अंबेडकर की दी हुई नीतियों और संविधान ही देश को एक रखे हुए हैं। गहलोत ने कहा कि हमारा संविधान सब कुछ कहता है। उनके अनुसार हमारे राज्यपाल तो आम लोगों को मूल कर्तव्य और संविधान कर्तव्यों का वाचन कराते हैं लेकिन ईमानदारी से यदि सब जन प्रतिनिधि संविधान के लिए भी शपथ पर अमल करें तो देश प्रेम और भाईचारे के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा।
धार्मिकता और कट्टरता के कारण पाकिस्तान के भी दो टुकड़े हो गए
गहलोत ने यह भी कहा कि ये जातिवाद, धार्मिक कट्टरता सही नहीं है। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान का भी उदाहरण दिया और कहा कि इसी धार्मिकता और कट्टरता से पाकिस्तान के भी दो टुकड़े हो गए और बांग्लादेश बना। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि नरेंद्र मोदी दो करोड़ नौकरियां देने की बात कहते थे, लेकिन अब वह भी चुप है। वहीं, कुछ सालों पहले तक विदेशों से काला धन वापस लाने की बात भी अब गौण हो चुकी है। गहलोत के अनुसार साल 2014 में मोदी की ओर से किए गए लंबे चौड़े वादे और उनके भाषण यदि कोई सुन ले तो वर्तमान एनडीए सरकार अपने आप कटघरे में खड़े हो जाएगी, हमें कुछ नहीं करना पड़ेगा।
उद्योगपति हिंदुजा बंधुओं से मिले सीएम
उद्योगपति अशोक हिंदुजा और प्रकाश हिंदुजा ने सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। गहलोत ने ट्वीट किया, 'उन्होंने राज्य में हिंदुजा बंधुओं से मौजूदा निवेश और अक्षय ऊर्जा, परिवहन और अन्य क्षेत्रों में और निवेश के बारे में चर्चा की।