उदयपुर के फतहसागर में दो दिन पहले बोटिंग के दौरान नावें टकराने के बाद डूबी चार साल की चहक को लाइफ जैकेट नहीं पहनाया गया था। इसका खुलासा परिजनों द्वारा घटना से पहले का फोटो पुलिस को दिखाने पर हुआ है।
दरअसल, हादसे से चंद मिनट पहले चहक के परिजनों ने उसका फोटो खींचा था। इसमें चहक के शरीर पर कोई लाइफ जैकेट पहने नहीं दिख रहा। इसे देखकर तो यही लग रहा है कि मासूम को बोट पर चढ़ाने से पहले लापरवाही बरती गई। हालांकि, अभी कोई भी इस सम्बंध में स्पष्ट रूप से कहने से बचते रहे। पुलिस भी घटना से सम्बंधित सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
उधर, बुधवार रात को फतहसागर पर शहर के विभिन्न संगठनों ने चहक के फोटो के सामने मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी।
वहीं, सैनी वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम व फूल माली युवा मंच ने उदयपुर जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर ठेका संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रशासन व बोट संचालक कम्पनी के पास सुरक्षा के संसाधनों का अभाव था। नगर निगम और आरटीडीसी की ओर से अलग-अलग ठेकेदार को लाइसेंस देकर इकरारनामे किए गए हैं। संभाग प्रभारी महेशचंद्र गढवाल ने बताया कि नाव संचालन के लिए भी क्षेत्र तय हैं। जिस जगह दुघर्टना हुई वह जगह आरटीडीसी की ओर से जारी ठेकेदार के लिए निर्धारित है, लेकिन इस संचालक ने
आरटीडीसी के सीमा क्षेत्र में बोट चलाकर हादसा कर दिया।