नर्स द्वारा पाल पोसकर बड़ा किया गया 7 वर्षीय बच्चा
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अबोध को अनाथ देख सात साल पहले एक नर्स का दिल पसीज गया था और उसे अपने बच्चे की तरह पाला, लेकिन अब कानून दोनों को दूर कर रहा है। पैदा होते ही इस बच्चे को उसके मां-बाप पालने में ही छोड़कर चले गए थे। बाल कल्याण समिति का कहना है कि बच्चे को इस तरह रखना अवैध हैं।
मामला कोटा के रंगबाड़ी क्षेत्र का है, जहां बाल कल्याण समिति ने महिला नर्स के घर से अवैध तरीके से रखे गए 7 साल के बच्चे को बरामद किया है। बाल कल्याण समिति ने आरोप लगाया है कि महिला नर्स पुष्पलता बच्चे को बगैर नियम कायदे के गोद लेकर उसे साल 2011 से पाल रही है। बाल कल्याण समिति को जब इस बात का पता चला तो उसने प्रसंज्ञान लिया और बच्चे का बरामद करते हुए मामला कोर्ट तक पहुंचाया। महिला नर्स पुष्पलता बारां के रेलावन स्वास्थ्य केन्द्र में नर्स थी। उस वक्त बच्चे के माता पिता बच्चे को पैदा होते ही छोड़कर चले गए थे।
ग्रामीणों और पंचायत के कहने पर बच्चे को संरक्षण दिया। अब 7 साल बाद बाल कल्याण समिति ने इस मामले में एक्शन लिया तो बच्चे को पालने वाली नर्स की ममता के सामने नियम आड़े आ रहे हैं। हालांकि मामला कोर्ट में अब भी विचाराधीन है और अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी।
बाल कल्याण समिति ने कहा
समिति अध्यक्ष हरीश गुरूबख्शानी का कहना है कि महिला नर्स ने बगैर किसी कानूनी प्रक्रिया के बच्चे को रख रखा है जो कि गलत है। मामला अब कोर्ट में गया है, कोर्ट जो आदेश देगा हम उसकी पालना करेंगे।