भाजपा सांसद महंत चांदनाथ अपने संसदीय क्षेत्र में सक्रिय नहीं होने को लेकर चर्चा में रह चुके है। चुनाव जीतने के बाद लंबे समय तक वे अपने क्षेत्र में नहीं आए तो जनता ने उन्हें लापता घोषित कर दिया।
महंत चांदनाथ का निधन देर रात दिल्ली के एक अस्पताल में हो गया था। महंत चांदनाथ के बारे में कहा जाता है कि उन्हें बाबा रामदेव के कहने पर अलवर से टिकट दिया गया था। उनका ज्यादातर समय आश्रम के कामों में बीतता था। ऐसे में उनके विरोधियों ने इसे मुद्दा बनाया। करीब सालभर पहले अलवर संसदीय क्षेत्र में महंत चांदनाथ के लापता होने के पोस्टर चस्पा कर दिए गए।
एमपी चांदनाथ की गुमशुदगी वाले पोस्टर में चांदनाथ को तलाशने वाले को ईनाम देने की भी घोषणा की गई थी। इसको लेकर उसक वक्त खासी चर्चा हुई थी।
चुनाव से पहले कहा था यह
chand nath
महंत चांदनाथ अलवर संसदीय सीट के लिए भाजपा के पैराशूट प्रत्याशी थे। चुनाव प्रचार के समय वे काफी सक्रिय रहे।
अलवर में जब चांदनाथ के बाहरी होने का मुद्दा बनने लगा तो उन्होंने कहा था कि वे महीने में कम से कम 20 दिन इलाके में जनता की सेवा के लिए तत्पर रहेंगे। उनके विरोधियों का कहना है कि वे मोदी लहर में चुनाव जीत गए, लेकिन बाद में अलवर में कभी- कभार ही नजर आए। करीब सालभर से तो वे बीमारी की वजह से नहीं आए। चांदनाथ ने लोकसभा चुनाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह को हराया था।
ब्लैकमनी को लेकर भी हुआ था वीडियो वायरल
बाबा रामदेव और महंत चांदनाथ
नोटबंदी के दौरान बाबा रामदेव और महंत चांदनाथ के बीच कथित ब्लैक मनी को लेकर भी वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में महंत चांदनाथ एक कार्यक्रम के दौरान बाबा रामदेव से कहते है कि ...उनके भी पैसे पकड़े गए है। इस पर रामदेव उन्हें टोकते है और कहते है कि बावले हो क्या, ऐसी बात यहां नहीं होती। तब तक उनकी ये बातचीत वहां लगे टीवी चैनलों के माइक से रिकॉर्ड हो चुकी थी।