प्रेस वार्ता में जानकारी देते अखिलेश तिवाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार को बागी तेवर दिखाने वाले वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी के एकात्म सत्याग्रह को अनुमति नहीं मिल पाई है। ऐसे में तिवाड़ी के बेटे और दीनदयाल वाहिनी के सचिव अखिलेश तिवाड़ी ने सरकार और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
अखिलेश ने शुक्रवार को अपने आवास मातृमन्दिर पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रशासन द्वारा 25 जून को घनश्याम तिवाड़ी द्वारा किए जा रहे एकात्म सत्याग्रह को अनुमति ना दिए जाना अलोकतांत्रिक है। उन्होंने इसे अघोषित आपातकाल की संज्ञा दी।
अखिलेश ने कहा कि वाहिनी द्वारा कार्यक्रम की अनुमति मांगे जाने के बाद प्रशासन ने ये कहते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया कि जयपुर कमिश्नरेट के दक्षिण क्षेत्र के सम्पूर्ण क्षेत्राधिकार में धारा 144 लागू की गई है। ऐसे में इस प्रकार के कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अखिलेश तिवाड़ी ने स्पष्ट किया कि 25 जून को घनश्याम तिवाड़ी अकेले मुख्यमंत्री आवास की ओर पैदल जाएंगे। कानूनन ये किसी भी प्रकार से धारा 144 का उल्लंघन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सभी जानते है कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगाया गया था। ऐसे में आगामी 25 जून से घनश्याम तिवाड़ी का कार्यकर्ताओं द्वारा सम्मान किया जाएगा।
गौरतलब है कि तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधते हुए पिछले दिनों कहा था कि अगले 10 दिन के भीतर सिविल लाइन्स स्थित बंगला नं. 13 खाली कर दें, अन्यथा इसके बाद दीनदयाल वाहिनी के द्वारा प्रदेशभर में एकात्म सत्याग्रह किया जाएगा।