सरकारी योजनाओं और राइट टू हेल्थ बिल को लेकर चल रही खींचतान के बीच राजस्थान प्रदेशवासियों के लिए राहत की खबर आई है। प्रदेश में सभी निजी अस्पतालों में बंद सरकारी योजनाओं को शुरू कर दिया गया है। इससे इलाज के लिए भटक रहे मरीजों को राहत मिलेगी। कमेटी की ओर से बीती रात ये आदेश जारी किए गए। इससे पहले शुक्रवार को दिन में ही स्टेट ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने इस पर चर्चा के लिए बैठक की थी।
बता दें कि स्टेट ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन डॉ. सुनील चुघ ने कहा कि हमारी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से वार्ता हुई है। हमने बिल को लेकर बैठक में चर्चा की। इस बैठक में कमेटी के सभी सदस्यों ने सरकारी योजनाओं को वापस शुरू करने को लेकर सहमति जाहिर की। कमेटी की ओर से देर रात इसके लिए आदेश जारी किए गए।
जारी रहेगा बिल का विरोध
प्रदेश में सभी निजी अस्पतालों में सरकारी योजनाओं को शुरू कर दिया गया है। बैठक के बाद अब फिलहाल निजी अस्पतालों में दस मार्च तक सरकारी योजनाओं के विरोध को स्थगित करने पर सहमति बनी है। डॉ. चुघ ने कहा कि हम जानते हैं कि हमारे विरोध से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हम नहीं चाहते कि हमारी वजह से मरीज परेशान हों। लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल दस मार्च तक सरकार के रूख का इंतजार करेंगे। उसके बाद आगामी निर्णय लिया जाएगा। राइट टू हेल्थ बिल का विरोध अब भी जारी रहेगा।