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5 हमले, 2 मौतें, 250 घायल, क्यों है मधुमक्खी गुस्से में

Thu, 06 Apr 2017 08:04 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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मधुमक्खियों का हमला - फोटो : डेमो पिक
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गर्मियां बढ़ने के साथ ही एकाएक मधुमक्खियों के हमले भी बढ़ गए हैं। हालत यह है कि एक ही दिन में गुरुवार को मधुमक्खियां इतनी गुस्साई कि अलग-अलग पांच जगहों पर हमला कर 250 लोगों को घायल कर दिया। वहीं दो जनों को जान गंवानी पड़ी।
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वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट रोहित गंगवाल की मानें तो गर्मियों में मधुमक्खियां नई जगह की तलाश में होती है। इस दौरान खतरा महसूस होने पर मिलकर हमला कर देती हैं। प्रत्येक डंक के साथ जहर की थैली भी काटने वाले के शरीर में छोड़ देती हैं। अधिकांश हमले पूजन और श्मशान घाट में उठे धुएं के कारण होते हैं। शहद बनने की शुरुआती प्रक्रिया के दौरान मधुमक्खी अधिक आक्रामक हो जाती है। मधुमक्खी के छत्ते के आस-पास किसी प्रकार का धूम्रपान या एसी की हवा सीधी नहीं जानी चाहिए।

गुरुवार को हुई ये घटनाएं

— राजसमंद में एक धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं पर मधुमक्खियों ने अचानक हमला कर दिया। हमले में मधुमक्खियों से बचने के लिए एक युवक तालाब में कूद गया, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई। इस घटना में नौ लोग घायल हो गए।
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— पाली के जोजावर के कोट सामरिया में मधुमक्खियों के काटने से एक की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए।

— पुष्कर के मुख्य बाजार में गुरुद्वारा के पास मधुमक्खियों ने सैलानियों को भी अपने डंक का शिकार बना लिया। इस हमले में पांच लोगों को घायल कर दिया।

— प्रतापगढ़ में जैन संतों के एक कार्यक्रम में मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इस कार्यक्रम में करीब दो सौ लोग घायल हुए।

— चाकसू के कोटखावदा में एक पेड़ के नीचे खेल रहे बच्चों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इलाके के रामनगर गांव में मधुमक्खियों के कई छत्ते हैं। यहां मधुमक्खियों ने सात बच्चों सहित करीब दस लोगों को घायल कर दिया। घायलों में दो गंभीर घायलों को चाकसू अस्पताल से एसएमएस अस्पताल में रैफर किया गया है।
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