चार साल तक प्रतिबंध का दंश झेलने वाले राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से आखिरकार बीसीसीआई द्वारा लगाया गया प्रतिबंध हटा दिया गया है। आज आरसीए पर से प्रतिबंध हटाए जाने के बाद बीसीसीआई को संघ की ओर से अंडरटेकिंग सौंप दी गई है और अब आरसीए एक बार फिर से बीसीसीआई द्वारा मान्यता प्राप्त क्रिकेट संघ कहलाएगा।
राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस मनीष भंडारी ने आज सुनवाई करते हुए आरसीए सचिव और अध्यक्ष को बीसीसीआई को संघ की अंडरटेकिंग देने के आदेश दिए। आरसीए की ओर से अधिवक्ता तनवीर अहमद ने पैरवी की।
इससे पहले हाईकोर्ट ने आरसीए और बीसीसीआई के बीच चल रहे विवाद को लेकर एक गुप्त मतदान कराए जाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद बीसीसीआई द्वारा लगाई गई शर्तों को मानने के लिए आरसीए से जुड़े सभी 33 जिला क्रिकेट संघ सचिवों में से 31 ने बीसीसीआई के पक्ष में मतदान किया था।
अब आरसीए से प्रतिबंध हट जाने के बाद राजस्थान की सभी क्रिकेट टीमें 'टीम राजस्थान' के बजाय आरसीए का लोगो लगी हुई जर्सी पहनकर खेल पाएंगी। साथ ही, जयपुर में अंतरराष्ट्र्रीय क्रिकेट मैचों का आयोजन भी हो सकेगा।