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लाइव मर्डर के लिए 6 दिसम्बर का दिन ही क्यों चुना, अरुणा रॉय ने उठाए सवाल

Sat, 09 Dec 2017 08:16 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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अजमेर में अरुणा रॉय - फोटो : amar ujala
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राजस्थान के राजसमंद जिले में लाइव मर्डर का वीडियो वायरल होने के मामले में अब सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सरकार पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय का कहना है कि अफराजुल की हत्या कर वीडियो वायरल करना देश के ताने-बाने को खत्म करने की साजिश है।
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सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय ने आज अजमेर में पत्रकारों से ये बात कही। उन्होंने कहा कि राजसमंद में एक हिंदूवादी कट्टर सोच वाले व्यक्ति ने नृशंसता से पश्चिमी बंगाल के रहने वाले मजदूर अफराजुल की हत्या की और उसका वीडियो बनाकर वायरल किया। इस घटना को रॉय ने साजिश करार देते हुए कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पिछले 9 महीने में यह चौथी घटना है, जिसमें नफरत और फासीवादी सोच के चलते किसी व्यक्ति की हत्या की गई है।

अरुणा रॉय ने घटना वाले दिन को चुनने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपित शंभुलाल रैगर ने 6 दिसंबर का दिन भी इसलिए चुना है क्योंकि वह विवादित ढांचा ढहाने की घटना को भी अपने कुकृत्य से जोड़ना चाहता था।
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क्यों नहीं बोल रहे पीएम

शंभुलाल रैगर - फोटो : अमर उजाला
अरुणा रॉय ने कहा कि राजस्थान की सरकार मुसलमानों पर दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हमलों को रोकने में पूरी तरह असफल है। ऐसी घटनाओं से यही प्रतीत होता है कि यहां कानून नाम की कोई चीज ही नहीं है।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए रॉय ने कहा कि जो बहुत छोटी-छोटी बातों पर तो तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं, वे आज कुछ नहीं बोल रहे। रॉय ने मांग की है कि राजस्थान में नफरत के आधार पर ऐसी जितनी भी घटनाएं हुई हैं, उनके अपराधियों और साजिशकर्ताओं को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
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