गुरुदास कामत के स्थान पर कांग्रेस ने अविनाश पांडे को राजस्थान का प्रभारी नियुक्त किया है। लेकिन अंदरुनी कलह से जूझ रही राजस्थान कांग्रेस को पांडे कितना उबार पाएंगे इसको लेकर पार्टी के भीतर ही एकराय नहीं है।
दबी जुबां में स्थानीय पार्टी के नेता कह रहें है कि पहले तो यह सर्च करना पड़ेगा की अविनाश पांडे है कौन। दरअसल पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस में संगठनात्मक स्तर पर फेरबदल चल रहा है। इसी के परिणामस्वरुप जहां अशोक गहलोत को गुजरात का प्रभारी बनाया गया हैं वहीं राजस्थान की कमान अविनाश पांडे को सौंपी गई है। पांडे नागपुर से आते हैं। वह लंबे समय से महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े रहें है। हालांकि नेशनल पॉलिटिक्स में उनकी पहचान ज्यादा नहीं है।
अविनाश पांडे सुर्खियों में तब आए जब 2008 में वे राज्यसभा का चुनाव केवल एक मत से इंडस्ट्रीयलिस्ट राहुल बजाज से हार गए थे। हालांकि 2010 में वे राज्यसभा के लिए चुने गए। पांडे में महाराष्ट्र में विधायक भी रहें है। साथ ही एमएसएसआईडीसी के अध्यक्ष भी पांडे रहें है। इसके अतिरिक्त वे अन्य कई संवैधानिक संस्थाओं में भी रह चुके है।
लेकिन राजस्थान की राजनीति में उनका कोई ज्यादा अनुभव नहीं है। इसलिए राज्य के कई कांग्रेसी दिग्गज मानते है कि वे पार्टी के लिए केवल डमी प्रभारी की भूमिका निभाएंगे। वर्तमान में पार्टी के भीतर के चल रही खींचतान पांडे कम कर पाएंगे ऐसा कम ही प्रतीत हो रहा है।
अशोक गहलोत को भले ही गुजरात का प्रभारी बना दिया गया हो लेकिन उनके समर्थकों ने हाल ही में गहलोत के जन्मदिन पर शक्ति प्रदर्शन कर इरादे स्पष्ट कर दिए हैं।