99 वे साल का एक कैदी आज जेल से आजाद हुआ। वह बिना सहारे चलने की स्थिति में नहीं था। जेल से बाहर उसे ना तो कोई लेने आया और ना ही उसके चेहरे पर आजादी की खुशी नजर आ रही थी। बस उसने इतना ही बोला, बाबूजी धीरे चलना। शायद उसका मतलब था कि जोश में एेसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे बुढ़ापा जेल में कटे।
कोटा सेंट्रल जेल से आज 99 साल का रामचंद्र रिहा हुआ। बारां जिले के बापचा थाना इलाके में कान्याखेडी गांव में मामूली विवाद के दौरान हुई हत्या के मामले में रामच्रंद को उम्र कैद की सजा मिली थी। 11 साल तक फरारी काटने के बाद रामचंद्र गिरफ्तार हुआ था।
इसके बाद न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा के 16 साल उसने सेंट्रल जेल में कैदियों के बीच काटे। यहां आकर उसने खुद को अच्छे व्यवहार में ढाला और आज इसकी बदौलत रिहा भी हो गया।