राजस्थान हाईकोर्ट में शुक्रवार को रोडवेज के रिटायर्ड कर्मचारियों को बकाया भुगतान के मामले में प्रमुख परिवहन आयुक्त शैलेन्द्र अग्रवाल और रोडवेज एमडी कुलदीप रांका पेश हुए। रोडवेज की ओर से पेंशन परिलाभ का भुगतान करने के लिए छह माह का समय मांगा गया।
इस पर न्यायाधीश एसपी शर्मा ने रणसिंह व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई 20 नवंबर तक टाल दी। सुनवाई के दौरान रोडवेज की ओर से कहा गया कि रिटायर्ड कर्मचारियों को गत 31 मार्च तक का पेंशन भुगतान हो गया है। पूर्व कर्मचारियों को पेंशन परिलाभ के करीब छह सौ करोड़ रुपए से अधिक की राशि देनी है। जिसे देने के लिए रोडवेज सक्षम नहीं है। ऐसे में रोडवेज की वैशाली नगर डीपो की भूमि को जेडीए को दिया जाएगा।
इसके बदले जेडीए चार माह तक दस करोड़ मासिक के हिसाब से रोडवेज को उधार देगा। इस अवधि में जेडीए भूमि की नीलामी पर शेष रकम का रोडवेज को भुगतान करेगा। इस पर अदालत ने मामले की सुनवाई 20 नवंबर तक टाल दी।